10 मई 2023 - 09:50
ईरान और पाकिस्तान की सीमायें दोनों देशों के संबंधों को मज़बूत बनाने का अवसर हैं" तेहरान

ईरान की संसद मजलिसे शुराये इस्लामी में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति आयोग के प्रमुख ने संसदीय डिप्लोमैसी को तेहरान-इस्लामाबाद संबंधों को मज़बूत बनाये जाने का कारण बताया और कहा कि ईरान और पाकिस्तान के मध्य शांति और दोस्ती की सीमायें दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मज़बूत बनाये जाने का अवसर हैं।

वहीद जलालज़ादे पाकिस्तान के संसद सभापति के आधिकारिक निमंत्रण पर इस्लामाबाद में होने वाली अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेन्स में भाग लेने के लिए गये हैं।

उन्होंने आज इस्लामाबाद में एक साक्षात्कार में कहा कि दोनों देशों के मध्य एक वर्ष के दौरान राजनीतिक और सुरक्षा के क्षेत्र में लेनदेन व सहयोग बहुत रचनात्मक रहे हैं और बहुत से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों के बारे में दोनों देशों के दृष्टिकोण एक दूसरे से निकट हैं।

जलालज़ादे ने कहा कि पाकिस्तान इस्लामी जगत का एक बहुत महत्वपूर्ण देश है और पाकिस्तान की भूमिका विशेषकर क्षेत्र में शांति व सुरक्षा विस्तृत करने में रचनात्मक रही है।

ज्ञात रहे कि पाकिस्तान अपने संविधान की 50वीं वर्षगांठ पर कल से इस्लामाबाद में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेन्स कर रहा है जिसका शीर्षक" मेरा संविधान- मेरी आज़ादी सुनिश्चित" होगा।

उल्लेखनीय है कि ईरान और पाकिस्तान दोनों पड़ोसी देश हैं और इराक के बाद ईरान की सबसे अधिक लंबी सीमा पाकिस्तान के साथ है जो 900 किलोमीटर से अधिक है। MM

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