इस्राईल पर हालिया साइबर हमले को 24 घंटे से ज़्यादा बीत गए हैं लेकिन अब तक ज़ायोनी सरकार इस हमले के असर से अब तक उबर नहीं सकी। खुद को अदालती कार्रवाई से बचाने की कोशिशों के तहत अदालती सिस्टम में बदलाव की नेतन्याहू की कोशिशों के बीच दो फाड़ हुए इस्राईल में राजनैतिक और सामाजिक संकट गहराया हुआ है ऐसे हैकर ग्रुप शॉर्प बॉयेज़ ने एक बार फिर इस्राईल को सायबर हमलों का निशाना बनाना शुरू कर दिया है। काम शाम से अब तक पिछले 24 घंटों में शार्प बॉयेज़ ने ज़ायोनी शासन की कई वेबसाइट्स को हैक करते हुए इस्राईल की साइबर सिक्योरिटी कि पोल खोल कर रख दी। हिब्रू मिडिया ने खबर देते हुए कहा कि एक लंबी ख़ामोशी के बाद एक बार फिर शॉर्प बॉयेज़ ने इस्राईल सरकार की वेबसाइट्स को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। शॉर्प बॉयेज़ ने अपने हालिया हमलों में ज़ायोनी सरकार के एक एजुकेशन इंस्टीट्यूट को निशाना बनाते हुए कम से कम 500 लोगों का डाटा हैक कर लिया। 2009 से अब तक डाटा हैक करते हुए इस ग्रुप ने कुछ लोगों का डाटा लीक कर दिया जबकि कुछ डाटा नीलाम करने का ऐलान किया है। शार्प बॉयज ग्रुप ने ऐलान करते हुए कहा कि उसने eteed इंस्टीट्यूट के बुनियादी ऑनलाइन ढाँचे को हैक कर लिया है। जिसके बाद ज़ायोनी सेना और पुलिस बलों में काम करने वाले लोगों की दस्तावेजों सहित पहचान और उनकी निजी जानकारियां हासिल की गयी हैं। शार्प बॉयज ने एक फाइल भी शेयर की है जिसमें इस सरकारी संस्था में ट्रेनिंग ले चुके दो लाख लोगों की पहचान, उनके टेलीफोन नंबर के साथ साथ उनका एड्रेस भी दिया गया है। ग़ौर तलब है कि एतीद एजुकेशनल इन्टीट्यूट का गठन 1990 में कट्टर ज़ायोनी लॉबी ने किया था जिसका सबसे अहम् मक़सद इस्राईल सरकार के मुस्तक़बिल के ज़िम्मेदार ऑफिसर्स को तैयार करना है। इस संस्था के तल अवीव, क़ुद्स हैफा, बेरुस सबअ, समेत कई शहरों में कई इंजीनियरिंग कॉलेज भी हैं। एतीद ने इन साइबर हमलों के बाद कहा है कि उसका डाटा लीक हुआ है जिसमें एजुकेशन सर्टिफिकेट के साथ साथ फौजी सर्विस के सर्टिफिकेट से लेकर पुलिस विभाग में नौकरी के दस्तावेज़ भी शामिल हैं। इस से पहले फिलिस्तीन के समर्थन का ऐलान करते हुए हैकर ग्रुप एनॉनिमस सूडान ने भी कई ज़ायोनी साइट्स और नेतन्याहू के फेसबुक पेज को हैक करने का ऐलान किया था। हिब्रू मीडया ने इन ख़बरों की ताईद करते हुए कहा था कि इस साइबर अटैक कि वजह से नेतन्याहू का पेज और वेबसाइट्स कुछ देर के लिए नाकारा हो गयी थी। बुधवार को हुए यह साइबर हमले यहीं खत्म नहीं हुए। एनॉनिमस सूडान ने दावा किया कि उसने कई अहम् सरकारी वेबसाइटों को हैक कर लिया है, जिसमें बंदरगाह संगठन, हैफा पोर्ट, हेल्थ मिनिस्ट्री, आंतरिक सुरक्षा और खुफिया संगठन (शाबक) की वेबसाइट और कई ज़ायोनी न्यूज़ पेपर की साइस्ट भी शामिल हैं । एनॉनिमस सूडान ने कहा है कि अभी तो यह शुरुआत है हम आने वाले दिनों मे इस्राईल के ऑनलाइन बुनियादी ढांचे को हमलों का निशाना बनाएंगे। यदीऊत आहारनोत ने कहा कि इन हमलों की वजह से सरकारी विभाग की वेबसाइट्स के सर्वर डाउन हो गए और उन्होंने काम करना बंद कर दिया। लेकिन एनॉनिमस सूडान के हमलों के कारन कोई डाटा लीक नहीं हुआ। बता दें कि मंगलवार को भी एनॉनिमस सूडान ने इस्राईल की खुख्यात ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद और इस देश की बीमा कंपनियों पर साइबर हमला करते हुए इनकी वेबसाइट्स पर लिखा था कि आप हैक कर लिए गए हैं अवैध राष्ट्र इस्राईल को मिटना ही होगा। एनॉनिमस सूडान ने उस वक़्त साफ़ शब्दों में कहा था कि यह एक ट्रायल है असल हमले तो अब शुरू होंगे। आंतरिक बिखराव और पतन की मुश्किल का सामना कर रहे इस्राईल के खिलाफ पिछले एक महीने में साइबर हमलों में बेहद तेज़ी आयी है। इस्राईल के बैंकिंग सिस्टम, बीमा, पोस्ट, हेल्थ फैसेलिटीज, बिन गुरियन हवाई अड्डे और दूसरी बुनियादी संस्थाएं हैकर्स के निशाने पर है जिसके चलते ज़ायोनी सरकार के कई विभागों और मीडिया समूहों ने इस्राईल के बाहर अपनी सेवाएं बंद करते हुए इन्हे सिर्फ इस्राईल की सरहदों तक महदूद कर दिया।
27 अप्रैल 2023 - 17:08
समाचार कोड: 1361010
इस्राईल पर हालिया साइबर हमले को 24 घंटे से ज़्यादा बीत गए हैं लेकिन अब तक ज़ायोनी सरकार इस हमले के असर से अब तक उबर नहीं सकी।