27 अप्रैल 2023 - 16:49
सीरिया से तुर्की सेना की वापसी के बिना दोनों देशों के रिश्ते सुधरना नामुमकिन।

सीरिया और तुर्की के रिश्ते तभी बहाल हो सकते हैं जब तुर्की इस देश की धरती से अपनी फौजें वापस बुला ले। जब तक ऐसा नहीं होता तब ता दोनों देशों के रिश्ते बहाल नहीं होंगे।

 सीरिया से अच्छे रिश्तों की दुहाई देकर असद अर्दोग़ान मुलाक़ात के लिए ज़ोर लगा रहे तुर्की को अपनी कोशिशों में ज़ोर का झटका लगा है। सीरिया के एक सीनियर डिप्लोमेट के हवाले से खबर देते हुए अल वतन ने दावा किया है कि है सीरिया और तुर्की के रिश्ते तभी बहाल हो सकते हैं जब तुर्की इस देश की धरती से अपनी फौजें वापस बुला ले। जब तक ऐसा नहीं होता तब ता दोनों देशों के रिश्ते बहाल नहीं होंगे। रूस में ईरान , तुर्की और सीरिया के रक्षा मंत्रियों की बैठक को जहाँ एक ओर तुर्की का सत्ताधारी दल अपने प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रहा है वहीँ दमिश्क़ ने साफ़ शब्दों में कहा है कि जब तक तुर्की सीरिया से अपनी सेना वापस नहीं बुलाता दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं होंगे। साथ ही सीरिया M4 समझौते को भी लागू करने पर ज़ोर देता रहा है लेकिन तुर्की दमिश्क़ की किसी भी मांग पर संजीदा नज़र नहीं आ रहा वह इन बैठकों को सिर्फ अर्दोग़ान के चुनावी हथकंडे के रूप में ले रहा है। तुर्की में आम चुनाव से पहले वहां की सत्ताधारी पार्टी की पूरी कोशिश है कि किसी भी तरह अर्दोग़ान और असद की मुलाक़ात हो जाए। तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद चावूश ओग़लू ने अर्दोग़ान और असद के बीच मुलाक़ात को ज़रूरी बताया है। ओग़लू का मानना है कि अर्दोग़ान और असद की मुलाक़ात के लिए ज़रूरी क़दम उठाने चाहिए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई के तुर्की के आम चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच मुलाक़ात हो जाएगी। एक तरफ तुर्की असद से मुलाक़ात के लिए भरपूर बयानबाज़ी कर रहा है वहीं दूसरी तरफ दमिश्क़ की ओर से साफ़ शब्दों के कहा जा चुका है कि सीरिया की धरती से तुर्की के सैनिकों की पूरी तरह से वापसी के बिना अर्दोग़ान और असद की मुलाक़ात मुमकिन नहीं है। सीरिया के सीनियर अधिकारी कह चुके हैं कि जब तक यह शर्त पूरी नहीं होती उस समय तक असद और अर्दोग़ान के बीच मुलाक़ात नहीं हो सकती।