15 अप्रैल 2023 - 18:01
क़ुद्स दिवस, फिलिस्तीन की जंगे आज़ादी का एक हिस्सा।

हिज़्बुल्लाह लेबनान के जनरल सेक्रेटरी सय्यद हसन नसरुल्लाह ने क़ुद्स डे के मौके पर फिलिस्तीन की आज़ादी और इस्राईल के क़ब्ज़े के खिलाफ जंग करने वाले दलों के नेताओं के साथ बैठक करते हुए फिलिस्तीन, सम्राज्यवाद और इलाक़ाई सूरते हाल को बयान करते हुए तक़रीर की।

हिज़्बुल्लाह लेबनान के जनरल सेक्रेटरी सय्यद हसन नसरुल्लाह ने क़ुद्स डे के मौके पर फिलिस्तीन की आज़ादी और इस्राईल के क़ब्ज़े के खिलाफ जंग करने वाले दलों के नेताओं के साथ बैठक करते हुए फिलिस्तीन, सम्राज्यवाद और इलाक़ाई सूरते हाल को बयान करते हुए तक़रीर की। 

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने अपने बयान में कहा कि यह बात हर गुज़रते दिन के साथ और साफ़ होती जा रही है कि क़ुद्स डे उस जंग का ही एक हिस्सा है जो हमारी जनता फिलिस्तीन के आज़ादी के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा कि इस साल, हमारे इलाक़े, मक़बूज़ा फिलिस्तीन और दुनियाभर में कई अहम् बदलाव देखने को मिले जो साम्राज्यवाद और इस्राईल के खिलाफ हमारे संघर्ष में मददगार और अमेरिका की चौधराहट के लिए अच्छे नहीं रहे।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि दुनिया एक नए नज़्म और वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ बढ़ रही है। दुनिया भर से अमेरिका की चौधराहट का जनाज़ा निकल रहा है। वह ज़माना बीत गया जब पूरी दुनिया में अमेरिका की मनमर्ज़ी चलती थी। इस साल आतंकी प्रोजेक्ट की हवा निकल गई। साम्राज्यवादी साज़िशें हार गई। इलाक़े मे शांति और आपसी बातचीत का दौर शुरू हुआ। जिसे अरब ईरान रिश्तों की बहाली के शक्ल में आसानी से समझा जा सकता है। 

 हसन नसरुल्लाह ने कहा कि तेहरान रियाज़ रिश्तों के बहाली के साथ ही कई इंटरनेशनल मामले हल हो जाएंगे। इस्लामी दुनिया की वह आपसी झड़पें और रंजिशें भी खत्म होंगी जिनके सहारे दुश्मन अपनी साज़िशों को परवान चढ़ाता था। साथ ही इस दोस्ती से अरब इस्राईल रिश्तों में सुधार की साज़िशों पर भी ब्रेक लगेगा। 

उन्होंने कहा कि प्रतिरोधी दलों ने अपना सख्त वक़्त पीछे छोड़ दिया है। जबकि ज़ायोनी दुश्मन के खेमे में हालात सही नहीं हैं और वह अपने 75 साल के इतिहास में अपने अब तक के सबसे बुरे दौर का सामना कर रहा है। 

ग़ौर तलब है कि अरब और मुस्लिम देशों के बीच आपसी रिश्तों में सुधार की बहार बह रही है। ईरान सऊदी रिश्तों के बाद जहाँ क़तर और बहरैन के रिश्तें बहाल हो रहे हैं वहीँ सऊदी अरब और सीरिया के रिश्तों में भी गर्माहट बढ़ रही है। सऊदी अरब ने अमेरिका के ग़ुस्से और धमकी के बाद भी यही नहीं कि 11 साल बाद सीरिया के विदेश मंत्री की मेज़बानी की बल्कि दोनों देशों के डिप्लोमेटिक रिश्तों को जल्द ही बहाल करने की घोषणा की।