1 अप्रैल 2023 - 10:28
मस्जिदे अक़्सा में 250 हज़ार लोगों ने नमाज़े जुमा पढ़ी ज़ायोनी सैनिकों द्वारा 1 फिलिस्तीनी शहीद।

अतिक्रमणकारी ज़ायोनी सेना के जवानों ने एक फिलिस्तीनी महिला पर हमला करते हुए मारपीट की वहीँ दरिंदों के बीच घिरी खातून को बचाने के लिए आगे बढ़े जवान को ज़ायोनी सेना ने गोलियों से छलनी कर दिया।

ज़ायोनी उन्मादियों के बीच घिरी एक खातून को बचाते हुए फिलिस्तीन का एक और जवान सुबह सवेरे ज़ायोनी सेना की गोलियों से छलनी हो गया। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार अतिक्रमणकारी ज़ायोनी सेना के जवानों ने एक फिलिस्तीनी महिला पर हमला करते हुए मारपीट की वहीँ दरिंदों के बीच घिरी खातून को बचाने के लिए आगे बढ़े जवान को ज़ायोनी सेना ने गोलियों से छलनी कर दिया। 

ज़ायोनी मीडिया ने खबर देते हुए कहा कि शनिवार सुबह से ही मस्जिदे अक़्सा के एंट्री गेट के नज़दीक बाबुस सिलसिला के पास झड़पें हो रही है। वहीँ स्थानीय लोगों का कहना है कि ज़ायोनी सेना मस्जिदे अक़्सा की घेराबंदी कर रही है और बाबुस सहरा इलाक़े को सीज़ कर दिया गया है। इसी घेरा बंदी के थोड़ी देर बाद अरब मीडिया ने ज़ायोनी सेना के हाथों एक फिलिस्तीनी जवान की शहादत की खबर दी। 

शहाब न्यूज़ एजेंसी ने खबर देते हुए कहा कि इस जवान को छलनी करने के बाद मस्जिदे अक़्सा में डेरा डाले ज़ायोनी सेना अलर्ट पर है। इस्राईल के समाचार पत्र यदीऊत आहारनोत ने खबर देते हुए कहा कि मस्जिदे अक़्सा के पास एक फिलिस्तीनी जवान सेना के हाथों मारा गया है । वहीं यू-न्यूज़ ने इस इस घटना के बारे में खबर देते हुए कहा कि ज़ायोनी सेना के जवानों के अत्याचार का सामना कर रही एक महिला को बचाने के लिए आगे बढ़े इस जवान को ज़ायोनी सेना ने गोलियों से भून दिया। 

बता दें कि 5 दिन पहले भी सिविल नाफरमानी की आशंका से घबराई ज़ायोनी सेना ने मस्जिदे अक़्सा पर हमला करते हुए इबादत करते हुए रोजादारों और एतेकाफ़ में बैठे लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। 

फौजी ताक़त के दम पर अभी तक मस्जिदे अक़्सा पर क़ब्ज़ा करने में नाकाम रही ज़ायोनी सरकार ने मज़हबी और कल्चरल जंग छेड़ी हुई है। इस मस्जिद में लगातार मौजूदगी ही दुश्मन की साजिशों को नाकाम करने का एकमात्र तरीका है। और इसी लिए फिलिस्तीनी रहनुमाओं ने बड़ी तादाद में लोगों को मस्जिदे अक़्सा में एतेकाफ़ की दावत दी है ताकि मस्जिदे अक़्सा और क़ुद्स शहर में मौजूद इस्लामिक सेंटर्स के यहूदीकरण की ज़ायोनी साज़िशों को नाकाम किया जा सके। 

फिलिस्तीनी जनता ने ज़ायोनी अरमानो पर पानी फेरते हुए कल नमाज़े जुमा में भी भारी तादाद में हिस्सा लिया। ज़ायोनी सेना की नाकाबंदी और कड़ी पाबंदियों के बाद भी कल नमाज़े जुमा में कम से कम 250 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया। नमाज़े जुमा के बाद फिलिस्तीनी जनता ने ज़ायोनी सत्ता के खिलाफ प्रतिरोधी दलों की हिमायत में नारे लगाए। 

फिलिस्तीन रेसिस्टेंस में अहम् किरदार निभाने वाले आंदोलन हमास ने बयान जारी करते हुए कहा कि नमाज़े जुमा में उमड़े इस फिलिस्तीनी जन सैलाब ने साफ़ कर दिया है कि क़ुद्स और मस्जिदे अक़्सा की पहचान में जीत हमारी होगी और दुश्मन की कोई साज़िश कामयाब नहीं होगी।