इस्राईल में शुरू हुआ बवाल हर दिन के साथ खतरनाक रूप लेता जा रहा है। अदालती सिस्टम में बदलाव के नाम पर शुरू हुआ यह आंतरिक संकट ज़ायोनी सेना को भंग करने की संभावना तक आ पहुंचा है।
ज़ायोनी सेना के सीनियर जनरलों ने देश की जनता को खबरदार करते हुए कहा है कि वह हाथ पर हाथ रख कर न बैठें और रातों को सोते समय भी चौकन्ने रहें और बेचैनी के साथ रहें क्योंकि सरकार ने बहुत खतरनाक क़दम उठाने की तैयारी कर ली है।
बेन्यामिन नेतन्याहू" कैबिनेट से युद्ध मंत्री को बर्खास्त करने की "कार्रवाई की निंदा करते हुए ज़ायोनी सेना के बड़े अधिकारियों ने अपने उस बड़े डर और खतरनाक घटनाओं के बारे में चेतावनी दी है जिसका सामना ज़ायोनी नागरिकों को करना पड़ सकता है।
अरबी 21 की रिपोर्ट के मुताबिक़ ज़ायोनी सेना के बड़े अधिकारियों ने कहा है कि हम देश के हालात को देखते हुए निराश हैं और देश के मुस्तक़बिल को लेकर गहरी चिंताओं में हैं।
इस्राईल के चैनल 12 ने सेना के सीनियर अधिकारियों के बीच एक सर्वे करते हुए रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक़ सेना के अधिकारी देश के भविष्य को लेकर गहरी चिंता में हैं। वह हालात को देखते हुए देश के भविष्य को लेकर मायूस और न उम्मीद है। उन्हें अजीब सा डर खाये जा रहे है। सेना ने देश की जनता से अपील की है कि बड़ा संकट उनका इंतज़ार कर रहा है इस लिए वह चैन से न बैठे और सुकून की नींद न सोएं।
इस्राईल की पब्लिक सिक्योरिटी सर्विस एजेंसी शाबाक के पूर्व प्रमुख एमी अयालोन ने कहा कि नेतन्याहू गैलेन्ट को बर्खास्त करने के बाद अपना दूसरा बड़ा क़दम उठा सकते हैं जो इस्राईल के लिए बेहद खतरनाक साबित होगा वह देश को नुक्सान पहुंचाते हुए सेना को भंग करने का आदेश दे सकते हैं। युद्ध मंत्री ने वक़्त रहते इस बात को किसी दूसरे के मुक़ाबले में सबसे अच्छी तरह समझ लिया है।
उन्होंने सरकार के रास्ते में अड़ जाने का इरादा कर लिया और अपनी कुर्सी गँवा कर देश के प्रति वफादारी साबित कर दी। उन्होंने अपने नेता के मुक़ाबले देश को चुना।
वहीँ ज़ायोनी प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिका को आँखे दिखाते हुए साफ़ कर दिया है कि वह अमेरिका के दबाव में अपना कोई फैसला बदलने का कोई इरादा नहीं रखते हैं। बाइडन के बयान पर पलटवार करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि इस्राईल एक आज़ाद और संप्रभु देश है और बाहरी देशो के दबाव पर कोई फैसला नहीं करता।
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अदालती सिस्टम में बदलाव के नेतन्याहू कैबिनेट के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि अमेरिका निकट भविष्य में नेतन्याहू को व्हाइट हाउस में दावत देने का कोई इरादा नहीं रखता। हम उम्मीद करते हैं कि नेतन्याहू अपने इस फैसले को वापस ले लें।