मक़बूज़ा फिलिस्तीन में नेतन्याहू सरकार की तरफ से अदालती सिस्टम में बदलाव की कोशिशों के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं और यह देश तेज़ी से गृह युद्ध की तरफ बढ़ रहा है।
इस्राईल के चैनल 13 की ओर से किये गए सर्वे से पता लगता है कि देश के हालात तेज़ी से बिगड़ रहे हैं और 58% ज़ायोनी लोगों का मानना है कि मक़बूज़ा फ़िलिस्तीन में गृहयुद्ध या हिंसक झड़पें किसी भी वक़्त शुरू हो सकती हैं।
इस्राईल में बढ़ रही अराजकता का अंदाज़ा लगाने के लिए यही काफी है कि देश के कोने कोने में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं इस्राईली मीडिया के ही अनुसार देश के कम से कम 100 से ज़्यादा स्थानों पर भरे विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
पूर्व ज़ायोनी प्रधान मंत्री, एहुद ओलमर्ट ने खुलासा करते हुए कहा कि जिसे जिओनिस्ट विद्रोह बता रहे हैं वह असल में अदालती सिस्टम में सुधार के नाम पर नेतन्याहू और उनके दोस्तों को अदालती कार्रवाई से बचाने की साज़िश है।
इस्राईल में फैलता हुआ विद्रोह आम जनता के साथ साथ सैन्य हल्क़ों में भी पकड़ बना रहा है।
इस्राईल की स्पेशल ऑपरेशन्स सर्विस की रिज़र्व फोर्सेज, मोसाद और शाबाक के सैंकड़ों ऑफिसर्स ने सेना में अपनी ड्यूटी निभाने से इंकार कर दिया है।
एयरफोर्स की सीक्रेट यूनिट के सैंकड़ों ऑफिसर्स ने भी एयरफोर्स प्रमुख को पत्र लिखते हुए कहा है कि वह रिज़र्व फाॅर्स के लिए काम नहीं करेंगे।
वहीँ तल अवीव और उसके पास ही मौजूद बनी बराक इलाक़े में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों की खबरें आ रही हैं. इस इलाक़े में दो दिन पहले भी प्रदर्शनकारियों और ऑर्थोडक्स के बीच भीषण झड़पें हुई थी, हालाँकि पुलिस ने बीच बचाव की कोशिश भी की थी लेकिन पुलिस बल को नाकामी का सामना करना पड़ा और संघर्ष जारी रहा।
इसी बीच क़ुद्स शहर से भी नेतन्याहू के समर्थकों और प्रदर्शनकारी ज़ायोनियों के बीच टकराव और हिंसक संघर्ष की ख़बरें आ रही हैं।
अल क़ुद्स अल अरबी ने रिपोर्ट देते हुए कहा कि आज प्रदर्शनकारियों ने पोर्ट सिटी नतानया के रास्ते बंद कर दिए वहीँ हैफा बंदरगाह पर भी जहाजों की आवाजाही रोक दी गयी क्योंकि प्रदर्शनकारी बंदरगाह के आसपास भारी तादाद में किश्तियों पर पहुंचे हुए हैं।
बता दें कि इस से पहले तल अवीव के बिन गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को आम जनता ने अपने क़ब्ज़े में ले लिया था . इस्राईली एयरफोर्स और पायलटों ने भी सरकार के खिलाफ विरोध का हिस्सा बनते हुए नेतन्याहू की फ्लाइट उड़ाने से इंकार कर दिया था जिस कारण रोम जा रहे नेतन्याहू को काफी देरी से देश से बाहर जाना पड़ा था।