चीन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा है कि बीजिंग को इस बात की आशा है कि ईरान और सऊदी अरब वार्ता प्रक्रिया को मज़बूत करेंगे।
इस बयान के अनुसार बीजिंग, इस बारे में सार्थक तथा सकारात्मक सहायता करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद इस बयान में यह भी कहा गया है कि ईरान तथा सऊदी अरब के बीच मतभेदों की समाप्ति से क्षेत्रीय देशों पर विदेशी हस्तक्षेप का प्रभाव कम होगा।
इसी बीच चीन के विदेशमंत्री चीन गांग ने कहा कि ईरान और सऊदी अरब के द्विपक्षीय संबन्धों की बहाली, शांति एवं सुरक्षा के लिए जीत के समान है। उधर चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के विदेशी मामलों के प्रमुख वांग यी ने बीजिंग में होने वाली ईरान और सऊदी अरब की वार्ता के संदर्भ में कहा कि अशांति का सामना कर रहे विश्व के लिए यह बहुत अच्छी ख़बर है।
ज्ञात रहे कि शुक्रवार को चीन की राजधानी बीजिंग में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमख़ानी और सऊदी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसैद अल-ऐबन के बीच एक समझौता हुआ। इस समझौते के बाद ईरान, सऊदी अरब और चीन के संयुक्त बयान में इसकी आधिकारिक घोषणा की गई। इस समझौते के अन्तर्गत ईरान और सऊदी अरब दोनो ही राजनयिक संबंधों की बहाली के साथ ही दो महीने के भीतर अपने दूतावासों को फिर से खोलने पर सहमत हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब में वरिष्ठ शिया धर्मगुरु शेख़ निम्र बाक़िर अल-निम्र को फांसी दिए जाने के ख़िलाफ़ तेहरान स्थित सऊदी दूतावास के सामने प्रदर्शनों के बाद, जनवरी 2016 में सऊदी अरब ने ईरान के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ने और तेहरान में दूतावास बंद करने का फ़ैसला किया था।
दोनो देशों के आपसी मतभेदों के समाधान के लिए 2021 के बाद से इराक़ी सरकार की मध्यस्थता में तेहरान और रेयाज़ ने बग़दाद में 5 चरणों की वार्ता की थी।
विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों को लेकर राजनयिक संबंध टूटने के 7 वर्षों के बाद, शुक्रवार 10 मार्च 2023 को चीन की राजधानी बीजिंग में दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ है।
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