ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी
के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका और उसके घटक देशों की धमकियों
को धता बताते हुए कहा कि ईरान के मुक़ाबले के लिए पश्चिमी दुनिया के पास राजनैतिक वार्ता
और डिप्लोमेसी के अलावा कोई चारा नहीं है। पश्चिमी दुनिया ईरान को एक परमाणु देश के
रूप में क़ुबूल कर चुके हैं।
मोहम्मद इस्लामी ने देश के विकास और तरक़्क़ी के लिए मॉडर्न साइंस और टेक्नोलॉजी के साथ साथ आर्थिक ताक़त को भी ज़रूरी बताते हुए कहा कि असली और वास्तविक आज़ादी तभी हासिल होती है जब देश साइंस और टेक्नोलॉजी के साथ साथ आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी ताक़त के रूप में उभरे।
मोहम्मद इस्लामी ने देश के कई अहम् मुद्दों और उन से निपटने के लिए इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर की ताकीद का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस्लामी इंक़ेलाब से पहले से ही दुश्मन देश नहीं चाहते थे कि ईरान के पास फ्यूल साइकिल की सुविधा हो लेकिन आज वह ईरान के आगे नतमस्तक हो चुके हैं। ईरान के ख़िलाफ़ पाबंदियों का यह जाल भी सिर्फ हमारे आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुँचाने के मक़सद से नहीं है बल्कि उनका असल मक़सद हमारे हौसलों को तोडना है।
मोहम्मद इस्लामी ने कहा कि अल्लाह का शुक्र है कि आज हमारा देश परमाणु साइंस के मामले में छोटी के देशों की फेहरिस्त में शामिल है और यह कारनामा और मक़ाम हमने अपने वैज्ञानिकों के दम पर हासिल किया है हालाँकि दुश्मन ने हमे रोकने की हर मुमकिन कोशिश की।
राष्ट्रपति के सलाहकार और ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख इस्लामी ने कहा कि आज दुश्मन के पास ईरान के मामले में राजनैतिक वार्ता के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा वह ईरान को एक परमाणु तकनीक से लैस देश के रूप में तस्लीम कर चुके हैं।