संयुक्त राष्ट्रसंघ में ईरानी राजदूत अमीर सईद ईरवानी ने जायोनी अधिकारियों के हालिया बयानों की प्रतिक्रिया में राष्ट्रसंघ के महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के नाम अलग- अलग पत्रों में बल देकर कहा कि ईरान जायोनी शासन की हर प्रकार की धमकी या अनुचित कार्यवाही का हर स्थान पर और हर समय करारा जवाब देगा।
ईरानी राजदूत अमीर सईद ईरवानी ने अपने पत्र में लिखा कि ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण केन्द्रों पर सैनिक हमले पर आधारित जायोनी शासन के प्रधानमंत्री के पिछले 21 फरवरी 2023 का बयान अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ और राष्ट्रसंघ के घोषणा पत्र के विरुद्ध है और क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा पर इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा।
इसी प्रकार राष्ट्रसंघ में ईरानी राजदूत के बयान में आया है कि राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद को अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वाह करना चाहिये और उसे जायोनी अधिकारियों के युद्धोन्मादी बयानों की भर्त्सना करनी चाहिये। इसी प्रकार ईरानी राजदूत ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रसंघ के घोषणा पत्र और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के आधार पर इस्लामी गणतंत्र ईरान अपनी रक्षा के अधिकार को सुरक्षित मानता है।
ईरानी राजदूत के पत्र में बल देकर कहा गया है कि जो लोग जायोनी शासन को तेहरान के खिलाफ हर प्रकार की सैनिक कार्यवाही के लिए उकसा रहे हैं उन्हें इस संबंध में अपनी ज़िम्मेदारी स्वीकार करनी और इसका जवाब देना चाहिये।
टिप्पणीः जानकार हल्कों का मानना है कि विश्व जनमत इस्राईल की गीदड़भभकियों की वास्तविकता से बहुत अच्छी तरह अवगत है और इस्राईल नहीं बल्कि उसके आक़ाओं के अंदर भी ईरान पर हमले का साहस नहीं है और अगर वे एसा कर सकने का साहस रखते होते तो बहुत पहले एसा कर चुके होते परंतु वे कभी भी ईरान पर हमले की गलती नहीं करेंगे क्योंकि वे उसके विनाशकारी व भयावन अंजाम से बहुत अच्छी तरह अवगत हैं और वे भलीभांति जानते हैं कि ईरान पर हमले का अर्थ अपनी तबाही व बर्बादी को दावत देना है और इस बात के दृष्टिगत वे कभी भी ईरान पर हमले की मूर्खता नहीं करेंगे।
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