23 फ़रवरी 2023 - 15:33
ब्रिटेन ने ज़लज़ला पीड़ितों के ज़ख्मों पर छिड़का नमक, मदद के नाम पर भेजे गंदे कपडे और घटिया सामान।

सोशल नेटवर्क पर तुर्की और सीरिया में भूकंप पीड़ितों के लिए भेजी गयी ब्रिटिश सहायता खेप की तस्वीरों के सामने आते ही इन देशों और खास कर मुस्लिम जगत में गुस्से की लहर फ़ैल गयी।

तुर्की और सीरिया में ऐ विनाशकारी ज़लज़ले के ज़ख्म जहाँ अभी ताज़ा हैं और हर दिन इन देशों से दिल दहलाने वाली खबरें आ रही हैं वहीँ पश्चिमी देशों की मानवता को शर्मसार करने वाली हरकते कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

ताज़ा मामला ब्रिटेन का है , जिसने तुर्की में मदद के नाम पर जो सामान भेजा है वह किसी भी इंसान को शर्मिंदा करने के लिए काफी है।

सोशल नेटवर्क पर तुर्की और सीरिया में भूकंप पीड़ितों के लिए भेजी गयी ब्रिटिश सहायता खेप की तस्वीरों के सामने आते ही इन देशों और खास कर मुस्लिम जगत में गुस्से की लहर फ़ैल गयी।

सीरिया और तुर्की में पद रही कड़ाके की ठण्ड में ज़लज़ले के कारण बेघर हुए और अपने लोगों को खो चुके परिवारों की मदद के लिए कहने को तो दुनिया सामने आई है और प्रभावित लोगों के लिए खाने पीने का सामान , ज़रूरी दवाएं और ज़रूरत का अन्य सामान भी भेजा है लेकिन इन सबके बीच ब्रिटेन की हरकत ने प्रभावितों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर दिया है।

रस्म तो यह है कि प्रभावितों की मदद के लिए भेजा जाने वाला सामान नया होता है कुछ नहीं तो साफ़ सुथरा और इस्तेमाल के लायक होता है। लेकिन ब्रिटेन की ओर से जो मदद की खेप पहुंचाई गई है उसकी तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयान कर रही है।

इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि ब्रिटेन ने तुर्की में जो मदद खेप भेजी है उसमे इस्तेमाल किये गए फटे हुए कपड़े, ऊँची एड़ी के जूते, फटे हुए अंडरवियर, होटलों में इस्तेमाल हुई डिस्पोजेबल चप्पल, विग और उसे हो चुका मेक-अप का सामान नज़र आ रहा है।

अल मयादीन चैनल की रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन ने तुर्की और सीरिया को जो मदद भेजी है उसमे 20% पुराने कपडे तो ऐसे हैं जो इस्तेमाल करने लायक भी नहीं। इस अपमान ने इलाक़े के लोगों के ज़ख्मों पर और नमक छिड़क दिया है और लोगों में भारी ग़ुस्सा है।

सोशल मीडिया यूज़र्स ने ब्रिटेन के इस क़दम को उसकी साम्राज्यवादी सोच का प्रतीक बताया है। लोगों का कहना है कि ब्रिटेन पिछले सदी तक की अपनी साम्राज्यवादी और तानाशाही सोच से आगे नहीं बढ़ा है।