जनरल क़ाआनी ने जो विशेषज्ञ एसेंबली की बैठक में ब्रीफ़िंग दे रहे थे कहा कि इस्लाम के दुश्मनों विशेष रूप से अमरीका और इस्राईल की तरफ़ से खड़ी की जाने वाली मुश्किलों के बावजूद ईरान की इस्लामी क्रांति पूरी मज़बूती से अपने रास्ते पर आगे बढ़ रही है और इलाक़े व दुनिया में उसका असर बढ़ता जा रहा है।
क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर ने अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के उस बयान का हवाला दिया जिसके अनुसार अमरीका पश्चिमी एशिया के इलाक़े में सात ट्रिलियन डालर ख़र्च कर चुका है और उसके हज़ारों सैनिक मारे गए हैं। जनरल क़ाआनी ने कहा कि अमरीका के इतने बड़े निवेश और इतनी बड़ी साज़िश को नाकाम बनाने वाला इस्लामी गणराज्य ईरान और इस्लामी क्रांति की संस्कृति है।
जनरल क़ाआनी ने कहा कि अमरीका ने इलाक़े के कुछ देशों के सहयोग से एक रणनीति के तहत दाइश का गठन किया यह दरअस्ल उस इस्लामी रेज़िस्टेंस फ्रंट की नक़ल करने की नापाक कोशिश थी जो पश्चिमी एशिया के इलाक़े में ईरान की अगुवाई में आगे बढ़ रहा है, लेकिन जनरल क़ासिम सुलैमानी की कोशिशों से अमरीका की साज़िश नाकाम हुई।
उन्होंने कहा कि अमरीका ने जनरल क़ासिम सुलैमानी के क़त्ल के साथ ही ईरान के खिलाफ़ नए प्रकार की हाइब्रिड जंग शुरू की जो अब तक जारी है।
जनरल क़ाआनी ने ईरान की इस्लामी क्रांति की संस्कृति के बारे में कहा कि यह जहां भी पहुंची वहां गौरवशाली कारनामे अंजाम पाए।
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