19 फ़रवरी 2023 - 20:24
क्या आप जानते हैं कि दुश्मन ईरान की किस ताक़त से ज़्यादा ख़ौफ़ खाता है? एक ऐसी शक्ति जो दुनिया के सभी हथियारों से ज़्यादा है ताक़तवर!

इस्लाम धर्म में ज्ञान प्राप्ति पर सबसे अधिक बल दिया गया है। जब अमेरिका का वजूद नहीं था और यूरोप के दूसरे देश अंधकार युग में थे, तब स्पेन में अरबों की उपस्थिति के कारण ज्ञान की रोशनी प्रकाशित हो रही थी। अरबों के पास प्राचीन यूनानी दार्शनिकों और वैज्ञानिकों की रचनाएं सुरक्षित थी। उनके माध्यम से यूनानी ज्ञान ने यूरोप में प्रवेश किया। न केवल यूनानी, बल्कि भारतीय और चीनी ज्ञान भी उनके माध्यम से यूरोप पहुंचा।

अरब वैज्ञानिक जाबिर को आधुनिक रसायन विज्ञान का जनक माना जाता है। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अल-राजी की किताबें यूरोपीय विश्वविद्यालयों में आधार ज्ञान के रूप में कार्य करती रहीं। महान ईरान विद्धवान इब्ने सीना ने दर्शन शास्त्र, नक्षत्र विज्ञान, रसायन शास्त्र, भूगोल, भूगर्भ शास्त्र, तर्कशास्त्र, गणित, भौतिक विज्ञान, मनोविज्ञान, काव्य, संगीत आदि विषयों पर लगभग 450 ग्रंथ लिखे। अलजबरा शब्द अरबी का है। कुल मिलाकर मुसलमानों ने दुनिया भर में ज्ञान की रोशनी को फैलाने का काम किया और जब तक ज्ञान को अपनाए रखा वे दुनिया भर में राज करते रहे। इसी बिन्दू को मुसलमानों के दुश्मनों ने टॉर्गेट किया और धीरे-धीरे मुसलमानों को ज्ञान से दूर करने की कोशिश करने लगे। जिसमें काफ़ी हद तक वे कामयाब रहे। दुश्मनों ने ज्ञान के बदले चरमपंध और कट्टरवाद की आग को अपने एजेंटों के माध्यम से मुसलमानों के बीच भड़काई और इसका सिलसिला जारी भी है। लेकिन ईरान की इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी दुश्मनों की इस साज़िश से अच्छी तरह परिचित थे। इसीलिए उन्होंने इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद से ही ज्ञान के विकास और विस्तार पर विशेष ध्यान दिया और इस पर दिया। उनके बाद इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामनेई ने भी सबसे ज़्यादा जिस चीज़ पर ज़ोर दिया है वह है ज्ञान की प्राप्त, ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था।قاہر

क़ाहिर 313

आज इस्लामी गणराज्य ईरान पर अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से कड़े से कड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं। वे नहीं चाहते कि ईरान अपने ज्ञान के विकास को जारी रखे। लेकिन ज्ञान एक ऐसी चीज़ है कि जिसे रोका नहीं जा सकता। यही वजह है कि एक ओर ईरान हर दिन ज्ञान के क्षेत्र में नई-नई ऊंचाईयों को छू रहा है और दूसरी ओर ईरान दुश्मन ताक़तें इस विकास को देखकर आक्रोषित हो रही हैं। हाल ही में ईरान के रक्षा मंत्रालय के वायु विभाग ने घोषणा की है कि उसका प्रोजेक्ट क़ाहिर 313 अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द मानव रहित लड़ाकू विमान के रूप में उड़ान भरेगा। ईरान के रक्षा मंत्रालय के वायु विभाग के प्रमुख अफ़शीन ख्वाजा फ़र्द ने बताया है कि क़ाहिर 313 प्रोजेक्ट एक अत्याधुनिक योजना है, इसके सामने आने के बाद दुनिया की आंखे खुली की खुली रह जाएंगी। सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह युद्धक विमान ड्रोन की तरह पूरी तरह मानव रहित रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने 10 अलग-अलग तरह की मोटरें विकसित की हैं, जिनमें से ज़्यादातर का इस्तेमाल ड्रोन और मिसाइलों में हो रहा है, जबकि ईरान के कौसर और यासीन लड़ाकू विमानों में मोज नामक इंजन का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा ईरान बहुत तेज़ी से यात्री विमान के निर्माण को लेकर भी काम कर रहा है। (RZ)

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