6 फ़रवरी को तुर्किए और सीरिया में शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसमें अब तक क़रीब 45 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है।
शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के ख़ुत्बों में हाज अली अकबरी ने कहा कि दोनों देशों में आना वाला यह भूकंप एक बड़ी मानवीय त्रासदी है, लेकिन विश्व समुदाय इस इमतहान में नाकाम हो चुका है।
उनका कहना था कि ईरान ने तुर्किए और सीरिया में मानवायी सहायता और सहायताकर्मी भेजें हैं और तेहरान को उम्मीद है कि क्षेत्रीय देशों के समर्थन से तुर्क और सीरियाई पीड़ितों के दर्द और दुखों को कम किया जा सकेगा।
तेहरान के इमामे जुमा का कहना था कि इस त्रासदी से यह भी स्पष्ट हो गया कि अमरीका और यूरोप का नैतिक पतन हो चुका है और उन्होंने सीरियाई पीड़ितों के प्रति अपनी गंदी सोच को उजागर कर दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति की चीन यात्रा के बारे में उन्होंने कहा कि इस यात्रा का न सिर्फ़ दोनों देशों के संबंधों पर बल्कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर प्रभाव पड़ेगा, जिसे अभी से देखा जा सकता है।
ईरान और चीन ने हालिया वर्षों में आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा क्षेत्र में अपनी संबंधों को रणनीतिक स्तर पर मज़बूत किया है। msm
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