यूक्रेन युद्ध शुरू होने से पहले तक यूरोपीय देश रूस के तेल और गैस के सबसे बड़े ख़रीदार थे, लेकिन इन देशों ने अमरीका के सहयोग से रूस के तेल और गैस को भी निशाना बनाया है।
युद्ध की शुरूआत के क़रीब एक साल बाद सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ बिन सलमान ने रूस पर पश्चिमी देशों के लगाए प्रतिबंधों के कारण भविष्य में ऊर्जा का संकट पैदा होने की चेतावनी दी है।
न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ ने शनिवार को कहाः प्रतिबंधों और निवेश की कमी के कारण ईंधन की कमी हो जाएगी, जिससे ऊर्जा संकट उत्पन्न हो सकता है।
प्रिंस अब्दुल अज़ीज़ ने यह भी बताया कि उनका देश यूक्रेन में एलपीजी भेजने की तैयारी कर रहा है। यूक्रेन में इसका मुख्य इस्तेमाल घरों को गर्म रखने में होता है।
उन्होंने तेल बाज़ार के 2022 के संकट से सबक़ लेने का ज़िक्र करते हुए कहा कि दुनिया को ओपेके प्लस देशों पर भरोसा करना होगा।
पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे रूस का निर्यात और आयात घट गया है। msm
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