रविवार को ज़ायोनी शासन के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतनयाहू के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अमरीकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने दावा किया था कि राष्ट्रपति जो बाइडन ईरान को परमाणु हथियारों की प्राप्ति से रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ईरान को परमाणु हथियारों की प्राप्ति से रोकने के लिए सभी ऑप्शन टेबल पर मौजूद हैं।
ब्लिंकन का कहना था कि इस्राईल के साथ हमारा संयुक्त युद्ध अभ्यास, हमें सक्रिय रक्षा के लिए तैयार रखता है औस वर्तमान युद्ध अभ्यास का संदेश यह है कि हम हर प्रकार के हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
ईरान के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं होने के बावजूद अमरिका वर्षों से ईरान पर सैन्य परमाणु कार्यक्रम चलाने का आरोप लगा रहा है। उसने इसी को बहाना बनाकर ईरान के खिलाफ व्यापक राजनीतिक और प्रतिबंधात्मक उपाय किए हैं। व्हाइट हाउस ने अगस्त 2022 में दावा किया: राष्ट्रपति बाइडन ने एक बार फिर कहा है कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना चाहते हैं।" इससे पहले, ईरान मामलों के लिए अमरीका के विशेष दूत रॉबर्ट माली ने ज़ोर देकर कहा था कि बाइडन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य विकल्प का उपयोग करने के लिए तैयार है।
यह निराधार आरोप ऐसी स्थिति में लगाए जा रहे हैं, जब इस्लामी गणतंत्र ईरान ने बार-बार यह घोषणा की है कि उसकी न केवल परमाणु हथियार बनाने की कोई योजना नहीं है, बल्कि वह इस ओर बढ़ भी नहीं रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस संबंध में ज़ोर देकर कहा कि ईरान ने बार-बार अपनी परमाणु गतिविधियों की शांतिपूर्ण प्रकृति पर ज़ोर दिया है और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की अनेक रिपोर्टों में भी इस बात की पुष्टि की गई है। परमाणु हथियारों की प्राप्ति इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत में नहीं है।
दर असल मुद्दा यह है कि अमरीका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के साथ-साथ ज़ायोनी शासन ने हमेशा ईरान की बढ़ती शांतिपूर्ण परमाणु क्षमता को लेकर चिंता दिखाई है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की कई रिपोर्टों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण होने की पुष्टि की गई है। इसके बावजूद अगर अमरीका और उसके सहयोगियों ने कोई ग़लती की तो तेहरान की ओर से मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा और ईरानी राष्ट्र की प्रतिक्रिया ऐसी होगी कि दुश्मन को पछताने का भी मौक़ा नहीं मिलेगा।
342/