समाचार एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान की दक्षिणी प्रांत किरमान में जनरल हुसैन पूर जाफ़री की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में ईरान के महान योद्धा शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी और जनरल हुसैन पूर जाफ़री समेत अन्य शहीदों की स्मृति का सम्मान करते हुए कहा कि शहीद जनरल हुसैन पूर जाफ़री, शहीद अबू मेहदी अलमोहन्दिस और अन्य शहीदों ने निस्वार्थ भाव से शहीद जनरल सुलेमानी के पदचिन्हों का अनुसरण किया और प्रतिरोध के मार्ग को मज़बूत किया। जनरल क़ाआनी ने इस्लामी गणराज्य ईरान की गरिमा और महानता और इस्लामी क्रांति के अधिकार की याद दिलाते हुए कहते हैं कि शहीदों की याद उस अधिकार और ईश्वरीय मूल्यों की अभिव्यक्ति है जो इस्लाम और शिया मुसलमान के मूल सिद्धांतों का मुख्य हिस्सा है।
आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माईल क़ाआनी ने कहा कि शहीदों ने इस तरह से अमेरिका और इस्राईल समेत उन्य दुश्मनों को ऐसा सबक़ सिखाया है कि उनके अहंकार को चकनाचूर कर दिया। उन्होंने कहा कि शहीदों ने पवित्र इस्लामी व्यवस्था को संरक्षित करने के अलावा, दुनिया भर में मौजूद पैग़म्बरे इस्लाम (स) की उम्मत की अत्याचारियों के मुक़ाबले में रक्षा की है। जनरल क़ाआनी ने कहा कि हम आज यहां इसलिए एकत्रित हुए हैं, ताकि शहीद होने वाले अपने कमांडर से यह वादा करें कि हम उनके मार्ग पर पूरी मज़बूती से अटल रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे दुश्मन सिर्फ़ ताक़त की ज़बान समझते हैं, इसलिए हमें मज़बूती के साथ उनके मुक़ाबले में डटे रहना होगा। (RZ)
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