31 दिसंबर 2022 - 18:51
प्रतिरोध के मोर्चे को आज भी मज़बूत कर रही है शहीद सुलैमानी की सोच

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शहीद सुलैमानी के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए कहा है कि उनकी विचारधारा आज भी प्रतिरोध में मोर्चें को मज़बूती प्रदान कर रही है।

शहीद सुलैमानी के बारे में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए नासिर कनआनी ने कहा कि उनके व्यक्तित्व के कई आयाम हैं।

उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के कथनानुसार शहीद क़ासिम सुलैमानी का बहु आयामी व्यक्तित्व, अध्धयन योग्य है।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि शहीद सुलैमानी का व्यक्तित्व किसी स्थान से सीमित न होकर अन्तर्राष्ट्रीय था।

उनका कहना था कि शत्रु, शहीद सुलैमानी के अस्तित्व को सहन नहीं कर पा रहे थे इसीलिए उन्होंने उनको अपने रास्ते से हटाने का फैसला किया था।

याद रहे कि 3 जनवरी 2020 को बग़दाद हवाई अड्डे के निकट ईरान के महान योद्धा और आईआरजीसी की क़ुद्स ब्रिगेड के कमांडर क़ासिम सुलैमानी पर हमला करके उनको शहीद कर दिया गया था।  वे इराक़ी अधिकारियों के आधिकारिक निमंत्रण पर इराक़ गए थे। 

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