मोहसिन शिकारी ने गत 25 सितम्बर को पुलिसकर्मियों पर हमला करने के साथ ही शहर की शांति व सुरक्षा में विघ्न डालने जैसे अपराध किए थे। शिकारी ने अपने हमले से एक पुलिसकर्मी को घायल कर दिया था।
अदालत में चली कार्यवाही के दौरान यह साबित हुआ कि दोषी ने क़त्ल की नीयत से चाक़ू से हमला किया, आम नागरिकों को आतंकित करने वाली हरकतें कीं। इस अपराध में शिकारी को गुरुवार के दिन फांसी दे दी गई।
हालिया महीनों में दोने वाले हंगामों में दर्जनों की संख्या में सुरक्षाकर्मी एसे दंगाइयों के हमलों में शहीद हो गए जिन्हें यूरोपीय देशों से समर्थन दिया जा रहा था।
दंगाइयों ने सुरक्षाकर्मियों के साथ ही बैंकों, सरकारी प्रतिष्ठानों आम नागरिकों की दुकानों पर हमले किए।
हालात यहां तक पहुंच गए कि जनता की ओर से पुरज़ोर मांग की जाने लगी कि दंगाइयों पर कड़ाई के साथ अंकुश लगाया जाए।
342/