सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार न्याय मंत्रालय ने ख़ुफ़िया दस्तावेज़ सौंपने का आदेश न मानने के बाद ट्रम्प पर अदालत की अवमानना का मुक़द्दमा चलाने की मांग की है।
गत आठ अगस्त को एफ़बीआई ने डोनल्ड ट्रम्प के फ़्लोरीडा स्थित आवास पर छापा मारकर वहां रखे बक्से अपने क़ब्ज़े में ले लिए थे जिनमें हज़ारों की संख्या क्लासीफ़ाइड दस्तावेज़ थे जिन्हें पूर्व राष्ट्रपति ने वाइट हाउस छोड़ते समय नहीं लौटाया था हालांकि उनसे इसकी बार बार मांग की गई थी।
इनमें कुछ ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों का संबंध रक्षा विभाग से है।
फ़ेडरल जांचकर्ताओं का कहना है कि ट्रम्प ने अमरीका के जासूसी से जुड़े क़ानून का उल्लंघन किया है मगर ट्रम्प का कहना है कि यह दस्तावेज़ डीक्लासीफ़ाइड किए जा चुके थे।
ट्रम्प और उनके बेटे के ख़िलाफ़ इससे पहले एक और अदालत का फ़ैसला भी आ चुका है। इस तरह ट्रम्प के सामने मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं जो वर्ष 2024 में राष्ट्रपति चुनावों की तैयारी कर रहे हैं।
ट्रम्प पर मैनहटन की अदालत ने धोखाधड़ी और चोरी के मामले में 16 लाख डालर का जुर्माना लगाया है।
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