3 दिसंबर 2022 - 18:28
अश्वेतों पर अत्याचार करने वाले अमरीका ने धार्मिक स्वतंत्रता का राग अलापा

आतंकवादी अमरीका अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक स्वतंत्रता का राग एक बार फिर अलाप रहा है।

दुनियाभर में आतंकवाद को फैलाने, मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करने, नस्लभेद करने आतंकवादी और तकफ़ीरी गुटों को आस्तित्व में लाने और मज़लूमों के मुक़ाबले में ज़ालिमों का समर्थन करने वला अमरीका अब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का राग अलाप रहा है।  

अमरीकी विदेशमंत्री एंटनी ब्लैंकिन ने दावा किया है कि दुनियाभर में सरकारों और ग़ैर सरकारी शक्तियों ने अपनी आस्थाओं और धर्म के आधार पर बहुत से लोगों को भयभीत कर रखा है और जेल में बंद करने के साथ उन्हें क़त्ल भी किया है।

अमरीकी विदेशमंत्री ने कहा कि कुछ ऐसी मिसालें भी मौजूद हैं कि रजानैतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए लोगों की धार्मिक स्वतंत्रता को दबाया गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लैंकिन ने कहा कि अमरीका ने चीन, ईरान और रूस को गंभीर उल्लंघनों पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत विशेष चिंता वाले देशों के रूप में नामित किया है। ब्लैंकिन ने एक बयान में कहा कि विशेष चिंता वाले देशों के रूप में नामित देश अक्सर धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर उल्लंघन में शामिल होते हैं, इन देशों की सूची में चीन, रूस, ईरान के साथ म्यांमार और उत्तरी कोरिया को भी शामिल किया गया है,वहीं अल्जीरिया, मध्य अफ़्रीक़ी गणराज्य, कोमोरोस और वियतनाम को निगरानी सूची में रखा गया है। (AK)

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