9 नवंबर 2022 - 20:09
पिछले साढ़े तीन साल में पांचवी बार आम चुनाव के नतीजे भी इस्राईल के लिए बड़ा सिर दर्द बन गए

इस्राईल के राष्ट्रपति इसाक हेरज़ोग ने हालिया संसदीय चुनावों के नतीजों के बारे में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस्राईल में राजनीतिक स्थिति बहुत जटिल है।

इस्राईल में पहली नवम्बर को पिछले साढ़े तीन साल में पांचवी बार आम चुनाव हुए थे। इस चुनाव में दक्षिणपंथी ज़ायोनी नेता बेंजामिन नेतनयाहू के गठबंधन को बहुमत हासिल हुआ था। नेतनयाहू के गठबंधन को कुल 120 सीटों में से 64 सीटें प्राप्त हुई थीं। इन 64 सीटों में से 14 सीटें कट्टर दक्षिपंथी ज़ायोनी पार्टी ने जीती थीं।

अब एक बार फिर पूर्व ज़ायोनी प्रधान मंत्री नेतनयाहू को सरकार के गठन की ज़िम्मेदारी मिली  है। लेकिन नेतनयाहू के सामने अब दो विकल्प हैः पहला यह कि वह अपने कट्टर दक्षिपंथी सहयोगियों के साथ मिलकर कैबिनेट का गठन करें और उन्हें सरकार में हिस्सेदारी दें। दूसरा विक्लप यह है कि कैबिनेट में कट्टरपंथियों की भागीदारी के बारे में चिंताओं के मद्देनज़र उदारवादी दक्षिणपंथी दलों और समूहों को कैबिनेट के गठन के लिए राज़ी करें और कट्टर दक्षिणपंथियों को सत्ता से दूर रखें।

हालांकि पिछले चार चुनावों में उदारवादी दलों ने नेतनयाहू की सरकार में भागीदारी को नकार दिया था। इसलिए कट्टर दक्षिणपंथियों की सरकार में भागीदारी की संभावना बढ़ गई है, जिन्हें सरकार चलाने का कोई अनुभव नहीं है। दर असल, उदारवादी ज़ायोनियों द्वारा नेतनयाहू को राजनीति में अछूत समझे जाने के कारण, उनके पास कट्टर दक्षिणपंथी ज़ायोनियों का समर्थन लेने के अलावा अभी भी कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसी स्थिति के मद्दनेज़र अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में चिंताएं बढ़ने लगी हैं और कई ज़ायोनी नेता इस संबंध में चेतावनियां दे रहे हैं।

पूर्व ज़ायोनी विदेश मंत्री ज़िपी लिवनी ने इसे ज़ायोनी शासन के लिए बहुत घातक बताया है। वहीं ज़ायोनी शासन की आंतरिक सुरक्षा के पूर्व मंत्री एविगडोर कहलानी का कहना हैः एक नस्ल बाद ज़ायोनी शासन के भविष्य को लेकर चिंतित हूं, क्योंकि इस शासन को उसकी आंतरिक समस्याएं ही खा जायेंगी। अंतरिम ज़ायोनी प्रधान मंत्री यायिर लेपिद ने कहा है कि संसदीय चुनावों के कुछ ही दिन बाद, इस्राईल एक बार फिर दो फाड़ हो गया है और लोगों में फिर से बेचैनी है। इस्राईल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ का कहना है कि इस्राईल विभाजन और साम्प्रदायिकता की ओर बढ़ रहा है।

इन तमाम ज़ायोनी नेताओं द्वारा चिंता ज़ाहिर करने के बाद अब ज़ायोनी राष्ट्रपति इसाक हेरज़ोग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इस्राईल की राजनीतिक जटिलता, हमारे सामने ऐतिहासिक चुनौती खड़ी कर रही है। चुनावों के नतीजे बंटे हुए हैं और उसने हमें दो गुटों में बांट दिया है। इसके बाद से सभी राजनीतिक खिलाड़ियों के कांधों पर भारी ज़िम्मेदारी होगी, ख़ास तौर पर जिनके पास राजनीतिक शक्ति ज़्यादा है।

इस स्थिति के मद्देज़नर, नेतनयाहू के निकट सहयोगी रहे मूशे कालागाफ़्त का कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि नेतनयाहू कट्टर नीतियों पर चलेंगे, क्योंकि बिन ग़फ़ीर जैसे चेहरों का उनकी कैबिनेट में शामिल होने का मतलब होगा कि उनकी सरकार का बहुत जल्द पतन हो जाएगा।

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