शुक्रवार को तेहरान में जनरल फ़दवी ने कहाः दुश्मन अब पूरी तरह से बैकफ़ुट पर है। अभी कुछ दिन पहले तक ही इस्राईली अधिकारी अमरीका के समर्थन से बयानबाज़ी कर रहे थे, लेकिन पैग़म्बरे आज़ाम सैन्य अभ्यास के आयोजन के बाद, इस्राईली प्रधान मंत्री नफ़्ताली बेनेत ने लिखित रूप से ज़ायोनी अधिकारियों के लिए एक नोटिस जारी करके उनसे कहा कि अब कोई ईरान पर हमले की बात नहीं करे।
उन्होंने कहा कि आख़िरकार इस्राईलियों को समझ में आ गया कि पिछले 43 वर्षों के दौरान अमरीकी ईरान का कुछ नहीं बिगाड़ सके, इसलिए वे भी कुछ नहीं कर सकेंगे।
जनरल फ़दवी का कहना था कि अब अमरीका बहुत कमज़ोर स्थिति में है और वह परास्त लोगों की तरह से इस्लामी क्रांति से मुक़ाबला कर रहा है और अब उसके बस में कुछ नहीं है।
यमन युद्ध का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यमन पिछले 6 वर्षों से युद्ध और घेराबंदी का सामना कर रहा है। यहां तक कि यमन की पीड़ित जनता तक दवाईयां और खाद्य पदार्थ भी पहुंचाना कठिन है। लेकिन इस सब दबाव के बावजूद, यमनी जनता प्रतिरोध कर रही है और उसके दुश्मनों को हार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही कुछ फ़िलिस्तीन, लेबनान, सीरिया, अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ में हुआ है।