हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सदीक़ी ने नमाज़ के ख़ुत्बों में इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान की समस्याओं की ओर संकेत किया। उन्होंने कहा कि दुश्मनों ने इस्लामी जगत को नुक़सान पहुंचाने के लिए कमर कस ली है।
पहले उन्होंने इराक़ के परिवर्तनों की ओर संकेत करते हुए इस देश की सरकार और न्याय पालिका से मांग की है कि गोलीबारी की घटना की बहुत गंभीरता से जांच हो। उनके अनुसार बम विस्फोट और ग्रीन ज़ोन के प्रधानमंत्री के घरपर ड्रोन का हमला बहुत ही संदिग्य मामला है।
उन्होंने कहा कि चुनाव का मामला अगर हल नहीं होता है तो इराक़ियों के विश्वास को ठेस पहुंचेगी। इन बातों का संवैधानिक ढंग से समाधान किया जाए।
हुज्जतुल इस्लाम काज़िम सदीक़ी ने अफ़ग़ानिस्तान का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां से अमरीका भाग तो गया है लेकिन षडयंत्र नहीं भागे हैं। अफ़ग़ानिस्तान में उसके लिए दाइश मौजूद ही है और मतभेद फैलाने की नीति पर भी वह काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान एक स्वतंत्र और स्वावलंबित अफ़ग़ानिस्तान का इच्छुक है। अफ़ग़ानिस्तान के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वहां पर एक एसी सरकार का गठन हो जिसमें इस देश के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो।