हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने शनिवार की शाम को पश्चिम की ओर से पेश किये गए प्लान-बी की योजना के बारे में कहा कि वार्ता की मेज़ पर ईरान के लिए दूसरे पक्ष की मंशा और उसके इरादे के बारे में जानना ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि एसे में उचित है कि पश्चिम को चाहिए कि वे कोई नई योजना पेश करने के बजाए पूरी ईमानदारी से काम करें ताकि ईरान को विश्वास हासिल हो जाए।
ईरान के विदेशमंत्री ने कहा कि पश्चिम के मन में एक प्रकार की धमकी छिपी हुई है। उन्होंने कहा कि ईरानियों को अपनी योजनाओं से डराने की कोशिश न कीजिए। अगर आपकी नियत साफ है तो फिर उसे व्यवहार में दिखाइए।
ईरान के विदेशमंत्री ने पश्चिम को संबोधित करते हुए कहा कि अभी तक तुम्हारे पास ईरान के विशेष दवाओं के भेजे जाने के बारे में लाइसेंस जारी करने की इच्छा नहीं है।
अब्दुल्लाहियान ने कहा कि अमरीकी चाहते हैं कि हर स्थिति में ईरान से यह कहें कि अपनी परमाणु गतिविधियों को वे जेसीपीओए के आरंभिक बिंदु पर लाएं जबकि वे ईरानी राष्ट्र के 10 अरब डाॅलर उसे वापस करना नहीं चाहते हैं।