फ़ार्स न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के अनुसार नोजबा आंदोलन के प्रवक्ता नस्र अश्शमरी का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के हालात, अमरीका के घटकों और उसके एजेन्टों के लिए पाठ बन गये हैं।
उन्होंने ट्वीट कर अफ़ग़ानिस्तान में घटने वाली घटनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि यह घटनाएं दो संदेश लिए हुए हैं।
उन्होंने राष्ट्रवादियों और देशप्रेमियों को संदेश का पहला संबोधक क़रार दिया और कहा कि अगर हमारा सच्चा धार्मिक नेतृत्व, प्रतिरोध और स्वयं सेवी न होते तो बग़दाद का 2014 में वही हाल होता जो आज 2021 में काबुल का हो रहा है।
नोजबा आंदोलन के प्रवक्ता ने कहा कि इस परिवर्तन का दूसरा संदेश अमरीका के घटकों, दोस्तों और प्रचारकों के लिए है। उनका कहना था कि क्या यह लोग अफ़ग़ानिस्तान और तालेबान की खुली तलवार के सामने इस देश की जनता को डाल दिए जाने से कुछ नहीं सीख रहे हैं? जबकि देश की बाहों में वापस आने के लिए रास्ते अभी भी खुले हुए हैं।
नोजबा आंदोलन के प्रवक्ता नस्र अश्शमरी का कहना था कि इराक़ से अमरीका के निकलने का समय ज़्यादा दूर नहीं है।