इससे पहले फ्रांस और मोरक्को की दोहरी नागरिकता प्राप्त दो पत्रकारों ने 20 जुलाई को इस्राईली कंपनी के खिलाफ़ शिकायत दर्ज करायी थी।
इसके अलावा आरएसएफ़ ने मामले को राष्ट्रसंघ के हवाले कर दिया। आरएसएफ पहले ही एनएसओ ग्रुप को अपने डिजीटल शिकारों की सूची में शामिल कर चुका है।
आज़रबाइबाज गणराज्य और हंगरी के दो दो, भारत और मैक्सिको के पांच- पांच, मोरक्को, स्पेन और ट्यूगो में से एक- एक उन 20 पत्रकारों में शामिल हैं जिन्हें पिछले महीने पेगासस प्रोजेक्ट की जांच टीम सामने लायी। इस्राईली कंपनी ने एनएसओ ग्रुप के पेगासस स्पाई वेयर के माध्यम से उक्त पत्रकारों की गुप्त निगरानी की थी।
ज्ञात रहे कि कई देशों में इस्राईल का जासूसी साफ्टवेयर पेगासस चर्चा का विषय बना हुआ है।