4 जुलाई 2021 - 18:53
इस्लामी इंक़ेलाब के बाद शुरू हुआ इसका निर्माण...ईरान के महत्वपूर्ण ड्रोन विमानों और उनकी ताक़त के बारे में जानिए!

हिंद महासागर में इस्राईली शिप पर अज्ञात हथियार से हमला हुआ और उसमें आग लग गई। जहाज़ के मालिक का नाम एली ओफ़र है जिसके कुछ पार्टनर भी हैं। यह जहाज़ उत्तरी हिंद महासागर से गुज़र रहा था कि उस पर अज्ञात हथियार से हमला हो गया।

इस्राईली मीडिया कह रहा है कि यह हमला आधुनिक ड्रोन विमान से हुआ है और यह ड्रोन ईरानी हो सकता है जिसके बारे में अमरीकी विशेषज्ञ कहते हैं कि वह बड़े सटीक रूप से अपने निशाने को ध्वस्त कर देने में सक्षम है। ईरान के पास बड़ी मिसाइल क्षमता के साथ ही अनेक प्रकार की सामरिक क्षमताएं हैं। ईरान ने हालिया वर्षों में अनेक प्रकार के ड्रोन विमान बना लिए हैं।

ईरान की ड्रोन क्षमता को देखते हुए कई बार अमरीकी अधिकारी अपनी गहरी चिंता जता चुके हैं उनका कहना है कि यह ड्रोन विमान बड़े सटीक रूप से और पूरी सफलता के साथ हमला करते हैं जबकि मिसाइल ढाल व्यवस्थाएं इनका सुराग़ लगा पाने में नाकाम हैं।

ईरान ने इस्लामी इंक़ेलाब के बाद ईरान इराक़ युद्ध के समय से ही ड्रोन विमानों के निर्माण पर काम शुरू कर दिया था। 1985 में पासदाराने इंक़ेलाब फ़ोर्स ने वायु उद्योग की स्थापना कर दी थी जिसका सबसे महत्वपूर्ण उत्पाद था मुहाजिर-1 नाम का ड्रोन विमान।

 

उस समय से लेकर बाद तक ईरान ने अबाबील, साएक़ा और सीमुर्ग़ जैसे कई ड्रोन विमान बना डाले। ईरान के सबसे ताक़तवर ड्रोन विमानों में शाहिद 129, फ़ितरुस, मुहाजिर 6, सीमुर्ग़, कमान 22 और ग़ज़्ज़ा हैं।

कर्रार

ईरान ने इस ड्रोन का अनावरण 2010 में किया था और अब तक इसकी चार पीढ़ियां बना चुका है। यह ठोस ईंधन से चलने वाला और आर्टिफ़िशियल इंटैलीजेन्स टेक्नालोजी से लैस ईरान का महत्वपूर्ण ड्रोन विमान है जो 25 से 40 हज़ार फ़ुट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। यह विमान 900 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ़तार से उड़ान भर सकता है और अपने साथ 500 किलोग्राम के बम ले जा सकता है।

शाहिद 129

यह आप्रेशन और जासूसी के काम में प्रयोग होने वाला विमान है जिसका अनावरण 2013 में किया गया। यह लगातार 24 घंटे तक उड़ान भर सकता है और 1700 किलोमीटर की दूरी तक जाकर अपना मिशन अंजाम दे सकता है। यह ड्रोन एक साथ 8 मिसाइल या बम अपने साथ ले जा सकता है और सैटेलाइट के माध्यम से इसे आपरेट किया जा सकता है।

फ़ितरुस

यह ड्रोन नवम्बर 2013 में ईरान की वायु फ़ोर्स का हिस्सा बना। यह विमान लगातार 30 घंटे तक उड़ान भर सकता है और अपने आप्रेशन रूम से 2000 किलोमीटर की दूरी तक जा सकता है।

मुहाजिर 6

यह आधुनिक ड्रोन है जिसका अनावरण मार्च 2017 में किया गया। यह काम्बैट ड्रोन है जिसे आप्रेशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

यह स्थिर और संचालित दोनों तरह के लक्ष्यों को ध्वस्त कर सकता है। यह ड्रोन लेज़र टेक्नालोजी से भी लैस है।

 

सीमुर्ग़ या शाहिद 171

इसका अनावरण 2017 में किया गया। इसे अमरीका के आरक्यू 170 ड्रोन विमान के माडल पर बनाया गया है जिसे पासदाराने इंक़ेलाब फ़ोर्स ने दिसम्बर 2011 में उस समय उतार लिया था जब वह ईरान की वायु सीमा में घुसा था।

यह विमान 36 हज़ार फ़ुट की ऊंचाई पर उड़ान भरता है और 2200 किलोमीटर की दूरी तक जाकर अपना मिशन पूरा करके वापस आ सकता है।

कमान 22

यह ईरान का आधुनिक ड्रोन विमान है जो कुछ ही महीने पहले सामने आया है। यह विमान इंटेलीजेन्स और इलेक्ट्रानिक जंग दोनों प्रकार के उपकरणों से लैस है। यह टेस्ट के आख़िरी चरण से गुज़र रहा है जिसके बाद इसे वायु फ़ोर्स में शामिल कर दिया जाएगा।

ग़ज़्ज़ा अथवा शाहिद 149

इस विमान की जानकारियां मई महीने में सामने आईं। यह लगातार 35 घंटे तक उड़ान भर सकता है। यह ड्रोन अपने साथ 13 मिसाइल या बम ले जा सकता है।

हाल ही में आईआरजीसी के कमांडर इनचीफ़ जनरल हुसैन सलामी ने एलान किया कि ईरान के पास एसे ड्रोन विमान आ चुके हैं जो 7 हज़ार किलोमीटर की दूरी तक जाकर हमला कर सकते हैं।

स्रोतः मोहम्मद रहमानपुर, अलजज़ीरा

नोटः लेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के अपने हैं, पार्स टुडे हिंदी का इन विचारों से सहमत होना ज़रूरी नहीं है।