28 जून 2021 - 17:24
दुश्मनों ने ईरान में कई मुद्दों को लेकर उम्मीदें बांध रखी थीं, लेकिन सभी साज़िशें नाकाम हो गईं, वरिष्ठ नेता

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई का कहना है कि कोरोना और विषम आर्थिक स्थिति के दौरान चुनाव के मुख्य विजेता के रूप में ईरानी राष्ट्र ने देश के दुश्मनों और उसके एजेन्टों को पराजय और नाकामी का सामना कराया।

ईरान के सुप्रीम लीडर से सोमवार को न्यायपालिका के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यायपालिका सप्ताह के अवसर पर मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर ने अमरीकी, ब्रिटिश और कुछ रूढ़ीवादी देशों के मीडिया सहित हज़ारों प्राचारिक संसाधनों के सक्रिय होने तथा चुनाव से जनता को दूर करने के लिए कुछ विश्वासघाती ईरानियों को इस्तेमाल करने को दुनिया में अभूतपूर्व क़रार दिया और कहा कि इन लोगों ने आर्थिक समस्याओं, योग्यता की पुष्टि जैसे मुद्दों से उम्मीद लगा रखी थी।

सुप्रीम लीडर ने कोरोना की समस्या और इससे विशेषज्ञों के हिसाब किताब के आधार पर चुनाव में केवल दस प्रतिशत के ही प्रभावित होने का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन सारी बातों के बावजूद, जनता सुबह से ही भव्य रूप से लंबी लंबी लाइनों में नज़र आई और उन्होंने इतिहास रच दिया और जनता ने चुनाव का बहिष्कार करने वालों, विरोधियों और रोड़े अटकाने वालों के सीने पर ज़बरदस्त मुक्का रसीद कर दिया।

सुप्रीम लीडर ने चुनाव के दौरान की कुछ घटनाओं को अनुभव और पाठ का कारण क़रार दिया और कहा कि प्रत्याशियों के बीच होने वाली डिबेट में अलग अलग विचार दिखे, इन सबके साथ ही सारे प्रत्याशी दुश्मनों के प्रोपेगैंडों के बावजूद एक ही मत पर नज़र आए कि देश की आर्थिक स्थिति का हल है और इसके लिए कोई बंद गली नहीं है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने अमरीका में चुनाव प्रतिस्पर्धा तथा प्रत्याशियों का एक दूसरे को गाली गलौज देने को याद किया और कहा कि अमरीकी अच्छे उदाहरण नहीं हैं, इसीलिए राजनैतिक मामलों में सम्मान और शिष्टाचार के साथ तथा अपमान और आरोप के बिना ही बात कहनी चाहिए, न यह कि अमरीकी और ट्रम्प की गाली गलौच की शैली का इस्तेमाल किया जाए।

सुप्रीम लीडर ने इसी तरह शहीद आयतुल्लाह बहिश्ती को बुद्धिजीवी, विचारक, अहम हस्ती, वास्तविक क्रांतिकारी, मोमिन और प्रभावी व्यक्ति क़रार दिया और कहा कि शहीद बहिश्ती ने इस्लामी न्यायपालिका का गठन करके बहुत कठिन काम किया और उन्होंने देश के संविधान का निर्माण करके देश और जनता पर बहुत बड़ा एहसान किया और उनके इस कार्य की सराहना की जानी चाहिए।