25 जून 2021 - 18:23
साइटों को ब्लॉक करने से अमरीका के आज़ादी के दावे का खोखला पन ज़ाहिर हो गया, ईरान किसी की तरफ़ से बात नहीं करताः हसन नसरुल्लाह

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा है कि प्रतिरोध के मीडिया के ख़िलाफ़ अमरीका की कार्यवाही ने आज़ादी और फ़्रीडम ऑफ़ एक्स्प्रेशन अर्थात (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) के उसके नारे के झूठ को साबित कर दिया।

उन्होंने आज लेबनान के आंतरिक और क्षेत्रीय मामलों पर अपने भाषण में यह बात कही।

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि साइटों को ब्लॉक करने की अमरीकी कार्यवाही, अमरीकी सरकार के दावों के खोखला होने की दलील है।

उन्होंने कहा कि प्रतिरोध के मोर्चे की साइटों को सीमित करना, संयोगवश घटना नहीं, क्योंकि इन साइटों ने ‘क़ुद्स की तलवार लड़ाई’ में फ़िलिस्तीनी राष्ट्र के साथ एकता दिखाई और ज़ायोनी दुश्मन व तकफ़ीरी आतंकवाद के ख़िलाफ़ उनका दृष्टिकोण है और अहम बात यह है कि इनमें से कुछ साइटें धार्मिक हैं जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।

 

सेना, राष्ट्र और प्रतिरोध लेबनान की ताक़त की बुनियाद

 

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि हम लेबनानी सेना को देश की वास्तविक सुरक्षा, स्थिरता व एकता की गैरंटी मानते हैं। हमारी संस्कृति में सेना, उस स्वर्ण समीकरण का मूल भाग है जो राष्ट्र, प्रतिरोध और सेना पर आधारित है।

 

अमरीका लेबनानी सेना की मदद में रुकावट

 

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि लेबनानी सेना के ताक़तवर होने के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट अमरीका है। यह अमरीका है जो क्षेत्रीय देशों सहित दुनिया के दूसरे देशों की लेबनानी सेना को मदद के पहुंचने में रुकावट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अमरीका को इस बात का डर है कि कहीं लेबनान की सेना इतनी ताक़तवर न हो जाए कि इस्राईल के ख़िलाफ़ डट जाए।

 

ईरान किसी की तरफ़ से वार्ता नहीं करता

 

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि ईरान ने हिज़्बुल्लाह से निवेदन किया है कि वह लेबनान में सरकार का गठन न होने दे या यह कि सऊदी अरब-ईरान वार्ता या वियना वार्ता के नतीजे के इन्तेज़ार में है। उन्होंने कहा कि ईरान-सऊदी अरब के बीच कोई भी बातचीत द्विपक्षीय संबंधों पर केन्द्रित होगी, उसमें लेबनान के मामले में कुछ बात नहीं होगी। ईरान किसी की तरफ़ से बातचीत नहीं करता, बल्कि अगर उससे मदद के लिए निवेदन किया जाए तो वह मदद के लिए तय्यार है।

उन्होंने इस्लामी गणतंत्र ईरान की क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय वार्ता के बारे में कहा कि ईरान वियना वार्ता में परमाणु मामले के अलावा किसी भी दूसरी फ़ाइल के खुलने के ख़िलाफ़ है। ईरान बैलिस्टिक मीज़ाईल और क्षेत्रीय मामलों पर वार्ता नहीं करेगा।

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि दुसरों को गुमराह करने और हमसे दुश्मनी में हम पर सरकार बनने के रास्ते में रुकावट डालने का इल्ज़ाम लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बैरूत बंदरगाह में धमाके के बाद, हस्सान दियाब की सरकार को जिन हालात का सामना था, सभी जानते हैं कि हम दियाब सरकार के इस्तीफ़े के ख़िलाफ़ थे और इस्तीफ़े के बाद, हमने जल्द से जल्द सरकार के गठन की मांग की।

 

नबीह बेर्री का प्लान अपनी जगह बाक़ी है

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने, देश में नई सरकार के गठन के बारे में लेबनान के संसद सभापति नबीह बेर्री के प्लान के बारे में कहा कि नबीह बेर्री का प्लान अपनी जगह बाक़ी है और सरकार के मंत्रियों की तादाद के 24 होने पर सहमति भी हुयी।

 

लेबनान में सरकार गठन के समर्थकों में हिज़्बुल्लाह

 

सय्यद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि मंत्रालय के बटवारे को लेकर दलों में सहमति हुयी। साद हरीरी को मंत्रीमंडल के गठन के लिए सौंपी गयी ज़िम्मेदारी के वक़्त से हम सरकार गठन के पक्ष में थे। मैं पहला शख़्स था जिसने इस संबंध में कोशिश की।