आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने बुधवार को अपने टेलिविज़न संबोधन में कहा कि लगभग 48 घंटों के बाद देश में एक निर्णायक घटना घटने वाली है। उन्होंने कहा कि वह घटना हैं राष्ट्रपति तथा नगर एवं ग्राम परिषद के चुनाव।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि निश्चित रूप से देश का भविष्य एक कालखण्ड में हर क्षेत्र में जनता की भागीदारी से इन्शाल्लाह बदलेगा। आप लोग चुनावों में मतदान करके हर क्षेत्र में देश के भविष्य को बनाएंगे।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र व्यवस्था में जनता की उपस्थिति को विशेष महत्व हैं और यह मुद्दा केवल राजनीतिक नहीं है। हालांकि जनता की उपस्थिति के बहुत से राजनैतिक लाभ हैं किंतु सबसे महत्वपूर्ण एवं मूल विषय जनता की उपस्थिति है। उन्होंने कहा कि इस्लामी लोकतंत्र में एक भाग इस्लामी है जबकि दूसरा भाग लोकतंत्र है। अब अगर जनता की उपस्थिति न हो तो फिर इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं बन पाएगी।
आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने आगे कहा कि शत्रु का लक्ष्य यह है कि यह चुनाव इस्लामी गणतंत्र ईरान की इच्छा के अनुसार आयोजित न होने पाएं अर्थात जनता, व्यवस्था से दूर हो जाए।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि जनता ने सिद्ध कर दिया कि दुश्मन ने जो भी चाहा उसने उसके विरुद्ध किया। यह बात चुनावों के बारे में भी लागू होती है और रैलियों तथा अन्य विषयों पर भी। इस बार भी ईश्वर की कृपा से वैसा ही होगा।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन्शाल्लाह जनता उपस्थित होकर इस्लामी लोकतांत्रिक व्यवस्था को सम्मान प्रदान करेगी।