15 जून 2021 - 15:04
कोरोना काल में अमरीकी कंपनियों को 11 ट्रिलियन डाॅलर से ज़्यादा का नुक़सान

कोरोना महामारी के दौरान अमरीकी कंपनियों को कम से कम 11 ट्रिलियन 200 अरब डाॅलर की क्षति हो चुकी है। यह अमरीकी कंपनियां, अब बैंक लोन वापस करने की स्थिति में भी नहीं हैं।

वाॅल स्ट्रीट जरनल ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है कि कोरोना फैलने से पहले अमरीकी कंपनियों ने इस देश के बैंकों से कम ब्याज पर बड़े-बड़े ऋण ले रखे थे। जब कोरोना फैला तो अमरीका में मंदी शुरू हो गई और कंपनियों ने बैंको से फिर क़र्ज़ लिए। वाॅल स्ट्रीट जरनल के अनुसार पिछले साल अमरीका की ग़ैर लाभकारी कंपनियों का क़र्ज़ा एक ट्रिलियन, 700 अरब डाॅलर हो गया था जो एक साल पहले की तुलना में 600 अरब डाॅलर अधिक था।

अमरीका के वित्त मंत्रालय के अनुसार मार्च 2021 तक अमरीकी कंपनियों का कुल क़र्ज़ा 11 ट्रिलियन 200 अरब डाॅलर था।  यह रक़म, अमरीकी अर्थव्यवस्था की आधी रक़म है जो अमरीका के सकल घरेलू उत्पाद का पचास प्रतिशत है अर्थात यह इस समय 22 ट्रिलियन 680 अरब डाॅलर है।

इसी बीच सीएनएन ने रिपोर्ट दी है कि कोरोना वायरस के नकारात्मक प्रभाव के कारण अमरीका के बड़े-बड़े डिपार्टमेंटल स्टोरों ने अपने अरब अरब डाॅलर के क़र्ज़ों से बचने के लिए ख़ुद को दीवालिया घोषित कर दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार इन बड़े-बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर्स में से एक वाशिंग्टन प्राइम ने, जो अमरीका के अंदर 100 स्टोर्ज़ का मालिक है, रोज़ाना सैकड़ों मिलयन डाॅलर के घाटे से बचने के लिए ख़ुद को दिवालिया दिखाया है और इसके लिए उसने संविधान के 11वें अनुच्छेद का सहारा लिया है।