योरोप के इस क़दम पर रूसी संसद की अंतर्राष्ट्रीय मामलों की कमेटी के उपप्रमुख व्लादिमीर जाबारोफ़ ने कहा है कि अगर मॉस्को को बैंकों के बीच पैसे ट्रांस्फ़र करने वाले स्विफ़्ट सिस्टम से हटाया गया तो योरोपीय संघ बैग में पैसे भर कर भुगतान करने पर मजबूर होगा या फिर अमरीका से ऊर्जा का स्रोत डेढ़ गुनी ज़्यादा क़ीमत पर ख़रीदेगा।
हाल में योरोपीय संसद ने युक्रेन में रूस के हस्तक्षेप का दावा करते हुए रूस से संबंध ख़त्म करने की मांग की है।
युक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्री कोलिया ने योरोपीय संघ से अपील की है कि वह रूस को स्विफ़्ट सिस्टम इस्तेमाल करने से रोक दे।
मॉस्को-पश्चिम के संबंध 2014 से ख़राब चल रहे हैं जिसके पीछे नेटो ख़ास तौर पर अमरीकी की पूर्वी योरोप में रूस की सीमा के क़रीब विस्तारवादी नीति, युक्रेन संकट, बाल्टिक सी और सीरिया के हालात वजह हैं।
अमरीका और योरोप, 2014 से अब तक रूस के ख़िलाफ़ आर्थिक व वित्तीय पाबंदियां लगा चुके हैं, जिसका रूस ने भी जवाब दिया है।