रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारया ज़ाख़ारोवा ने यह बात नैटो के महासचिव के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया में कही। उन्होंने कहा कि ब्रस्लज़ के अधिकारियों के लिए यह उचित है कि वे नैटो के सदस्य देशों में पाई जाने वाली समस्याओं का समाधान करें न कि दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप।
रूसी प्रवक्ता ने कहा कि वैक्सीनेशन, कोरोना संकट, मानवाधिकारों का हनन और इसी प्रकार की बहुत सी समस्याओं के नैटो के सदस्य देश जूझ रहे हैं। बेहतर यह होगा कि दूसरे देशों पर आरोप लगाने से पहले इन समस्याओं का समाधाना किया जाए।
कुछ समय पहले नैटो के महासचिव पेंस स्टालेनबर्ग ने ब्रसल्ज़ में एक संवाददाता सम्मेलन में यह दावा किया था कि रूस अपने पड़ोसी देशों के लिए अस्थिरता का कारक है। वह अपनी आक्रामक नीति को बढ़ा रहा है तथा रूस के भीतर राजनैतिक विरोधियों का दमन कर रहा है।