विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच पारस्परिक संबंध और सहयोग की बुनियाद से संबंधित समझौते की बीसवीं सालगिरह पर एक बयान में यह बात कही। ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान में आया हैः “ईरान-रूस पारस्परिक संबंध और सहयोग की बुनियाद” समझौते की बीसवीं सालगिरह और दोनों देशों के नेताओं के बीच संदेशों के आदान प्रदान की सालगिरह एक ही दिन पड़ी है। ईरानी विदेश मंत्रालय के बयान में बल दिया गया है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान एक दोस्त व ताक़तवर पड़ोसी देश रूस को पारस्परिक सम्मान व सहयोग की नज़र से देखता है और सभी क्षेत्रों में उसके साथ पहले से ज़्यादा संबंधों का दायरा बढ़ाना चाहता है।
इस बयान में आगे आया हैः “अमानवीय व एकपक्षीय पाबंदियों”, “देशों के मामलों में पश्चिम के हस्तक्षेप”, “आपसी संबंध में किसी मध्यस्थ के रोल पर रोक” और “अंतर्राष्ट्रीय अधिकारों के सम्मान” की ज़रूरत पर ईरान और रूस का एक ही नज़रिया है। “ईरान-रूस पारस्परिक संबंध और सहयोग की बुनियाद” समझौते पर 12 मार्च 2001 को तत्कालीन ईरानी राष्ट्रपति के मॉस्को दौरे पर दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने दस्तख़त किए थे।