डाॅक्टर हसन रूहानी ने बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक में कहा कि अगर आज हम एक आवाज़ और एकजुट होकर एक दूसरे के साथ रहें तो जल्द ही विजय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान व इस्लामी व्यवस्था को पराजित करने की योजनाएं बनाने वाले आज ख़ुद ही अपनी पराजय को खुल कर स्वीकार कर रहे हैं और इससे पता चलता है कि हमारी विजय क़रीब है। राष्ट्रपति ने कहा कि जब एक राष्ट्र, एक बड़ी शक्ति के सामने तीन साल तक डटा रहा और उस देश में हाल में सत्ता में आने वाले खुल कर यह बात कह रहे हैं कि पिछले चार साल की नीति विफल हो गई है तो इसका यही मतलब है कि ईरान कामयाब हो गया है और अगर हम एकता व एकजुटता के साथ अपने रास्ते पर चलते रहे तो निश्चित रूप से विजयी हो जाएंगे।
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि हमें अपनी युक्तियों से दुश्मन की इच्छा को पूरा नहीं होने देना चाहिए, वाइट हाउस के अधिकारियों से कहा कि वे शर्माएं नहीं और अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों को लागू करने में आजकल न करें और जान लें कि जैसा कि इस्लामी क्रांति के नेता ने कहा है, उनके द्वारा प्रतिबद्धताओं के पालन के तुरंत बाद हम भी अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने लगेंगे।