इस साल कोरोना वायरस से उत्पन्न विशेष परिस्थितियों के कारण, इस्लामी क्रांति की 42वीं वर्षगांठ पर पारंपरिक विशाल रैली का आयोजन नहीं किया गया है, बल्कि देश भर में लोग मोटरबाइक्स और कारों के प्रतीकात्मक मार्च के साथ, क्रांति की सफलता का जश्न मना रहे हैं।

ईरान की राजधानी तेहरान समेत सभी शहरों में लोग कोरोना वायरस की रोक-थाम के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सड़कों पर कारों और मोटरबाइक्स पर सवाल होकर मार्च कर रहे हैं।
एक ही समय में 1000 से ज़्यादा शहरों में यह मार्च आयोजित हो रहा है।
ईरानी जनता ने एक अलग तरह के मार्च में भाग लेकर यह साबित कर दिया कि वह अपने क्रांतिकारी आदर्शों के प्रति वफ़ादार हैं और अपनी क्रांति को वह अकेला नहीं छोड़ेंगे।
11 फ़रवरी 1979 को इमाम ख़ुमैनी के नेतृत्व में ईरान की इस्लामी क्रांति सफल हुई थी। संयोग से आज बुधवार 11 फ़रवरी 2021 है