मेजर जनरल मोहम्मद बाक़ेरी ने मंगलवार को इस्लामी क्रान्ति की कामयाबी की 42वीं सालगिरह पर अपने संदेश में कहा कि इस्लामी क्रान्ति की कामयाबी के 42 साल में आतंकवादी अमरीका की अगुवाई में साम्राज्यवादी मोर्चे की दुश्मनियों के बावजूद, ईरान पूरी दृढ़ता से नई सभ्यता के निर्माण पर केन्द्रित अपनी उच्च आकांक्षाओं की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा की इस्लामी क्रान्ति के सुप्रीम लीडर और समझदार ईरानी जनता के वजूद से, इस्लामी क्रान्ति और ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़, अमरीका, ज़ायोनी शासन और क्षेत्र के रूढ़िवादी शासन के क्षेत्रीय लक्ष्य बुरी तरह नाकाम हुए हैं।
ईरान के सशस्त्र बल के चीफ़ आफ़ स्टाफ़ ने कहा कि पश्चिमी व अमरीकी सभ्यता पतन की ओर बढ़ रही है और दुनिया का नेतृत्व करने का मौक़ा खो चुकी हैं और ईरान की क्रान्ति व व्यवस्था तथा उसके तर्क के सामने बंद गली में पहुंच गयी है।
जनरल बाक़ेरी ने कहा कि आज दुनिया की ताक़तें इस्लामी गणतंत्र ईरान की भू-रणनैतिक क्षमता, तरक़्क़ी और संभावनाओं को देखकर बुरी तरह घबरा गयी हैं इसलिए उन्हें चाहिए कि ख़ुद को क्षेत्र में बन रहे ताक़त के नए समीकरण को क़ुबूल करने के लिए तय्यार कर लें, जिसका केन्द्र ईरान है।