5 फ़रवरी 2021 - 13:32
नेतनयाहू को सज़ा देने लगे बाइडन, फ़ोन का इंतेज़ार ही करते रह गए इस्राईली प्रधानमंत्री, इमारात को एफ़-35 विमानों की बिक्री पर पुनरविचार से चिंतित है तेल अबीब

अमरीका की बाइडन सरकार ने इमारात को एफ़-35 युद्धक विमान बेचने की डील पर पुनरविचार का एलान कर दिया है जिससे इस्राईल की चिंता बढ़ गई हैं क्योंकि इसके नतीजे में इमारात इस्राईल शांति समझौता भी ख़तरे में पड़ सकता है।

इस्राईल की सुरक्षा मामलों की वेबसाइट वल्ला में सामरिक मामलों के विशेषज्ञ अमीर बोहबूत ने लिखा कि अगर बाइडन सरकार ने इमारात को युद्धक विमान बेचने के ट्रम्प सरकार के फ़ैसले पर पुनरविचार किया तो इस्राईल-इमारात शांति समझौते का लागू हो पाना मुश्किल में पड़ सकता है।

इस्राईली टीकाकार का कहना है कि इस्रईली सुरक्षा मंत्री बेनी गांट्स और अमरीकी मंत्री लुइड ओस्टिन के बीच हालिया बातचीत के बारे में यह पता चला है कि इसमें इस्राईली मंत्री ने अरब देशों के साथ तेल अबीब के शांति समझौते के महत्व पर बहुत ज़ोर दिया है और यह समझाने की कोशिश की है कि यह समझौते अमरीका के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद हैं।

बोहबूत का कहना है कि कभी भी अमरीका ईरान के साथ परमाणु वार्ता शुरू कर सकता है और इस्राईल इस स्थिति को देखते हुए बाइडन प्रशासन के उच्चाधिकारियों से संपर्क साध रहा है और यह समझाने की कोशिश कर रहा है कि ईरान के मिसाइल अब इराक़, यमन, लेबनान और फ़िलिस्तीन से फ़ायर हो सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि बाइडन की सरकार में अधिकतर वह अधिकारी होंगे जो ओबामा सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं और वह राजनीति में बहुत मझे हुए अधिकारी हैं उनमें कम ही हैं जिनका सुरक्षा विभाग से संबंध रहा है। इस्राईल को डर है कि यह अधिकारी बाइडन को ईरान की परमाणु डील में वापस ले जाएंगे और यह इस्राईल के लिए बहुत बुरा होगा।

इस्राईल में यह बहस चल रही है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम में बहुत बुनियादी बदलाव कर रहा है जिसके तहत उसने तीव्र गति से यूरेनियम संवर्धित करने वाली सेंट्रीफ़्यूज मशीनें स्थापित कर दी हैं। इस्राईल को लगता है कि अगर वह अमरीकी सरकार को ईरान की गतिविधियों के बारे में बार बार ख़ुफ़िया रिपोर्टें पेश करता रहेगा तो वाइट हाउस के फ़ैसलों में इसका काफ़ी असर होगा।

इस्राईली अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि जनरल क़ासिम सुलैमानी और वैज्ञानिक मोहसिन फ़ख़्रीज़ादे सहित अपनी महत्वपूर्ण हस्तियों की शहादत का इंतेक़ाम लेने के लिए ईरान लगातार प्रयास में है।

इन हालात में इस्राईल को यह चिंता भी सता रही है कि राष्ट्रपति बनने के दो सप्ताह बाद भी जो बाइडन ने इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू से फ़ोन पर बात नहीं की है जबकि पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति सत्ता संभालने के बाद कुछ ही दिनों के भीतर इस्राईली प्रधानमंत्री को फ़ोन ज़रूर कर लेते थे। बाइडन शायद नेतनयाहू को सज़ा दे रहे हैं जो पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में बहुत सक्रिय थे।