4 फ़रवरी 2021 - 13:46
अमरीका और इस्राईल, आतंकवाद को अपनी पैठ बनाने के हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करते हैंः जनरल हातमी

रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अमीर हातमी ने भारत में हिन्द महासागर के तटवर्ती देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में कहा कि अमरीका और ज़ायोनी शासन को जब भी मौक़ा मिलता है वह आतंकवाद को अपनी पैठ बनाने के हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने गुरूवार को कहा कि पिछले दशक की कटु घटनाएं और बड़ी ताक़तों की ओर से पेश किये गये  मॉडल का नतीजा हिंसा, आतंकवाद, जनसंहार, सीमावर्ती मतभेद, जंग, अशांति और तबाही के सिवा कुछ और नहीं रहा।

उन्होंने कहा कि बड़ी शक्तियों का अंतर्राष्ट्रीय संधियों से एकतरफ़ा तौर पर निकलना, सुरक्षा क़ायम करने वाले समझौतों से निकलना, उनसे समन्वित न होने के बहाने यूएन और विश्व स्वास्थ्य संगठन को कमज़ोर करना और ईरान तथा गुट 5+1 के बीच परमाणु समझौते से निकलना, ऐसी मिसालें हैं जो इस बात को साबित करने के लिए काफ़ी हैं कि बड़ी ताक़तों की बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

ईरान के रक्षा मंत्री ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय नायक क़ासिम सुलैमानी, अबू महदी अलमुहन्दिस और वैज्ञानिक मोहसिन फ़ख़्रीज़ादे की कायरतापूर्ण हत्या की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकारी आतंकवाद की बुनियाद क़ायम करने वालों के व्यवहार ने यह दर्शा दिया कि न सिर्फ़ यह कि उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता बल्कि वे मानवता की आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष और पीड़ितों को मुक्ति दिलाने की उच्च अकांक्षाओं से भी ग़द्दारी करते हैं।

ब्रिगेडियर जनरल हातमी ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के क्षेत्र के सैन्यीकरण के ख़िलाफ़ और क्षेत्र में हथियारों की होड़ से चिन्तित है।

उन्होंने कहा कि हिन्द महासागर में विश्व शांति के लिए अपार संभावनाएं हैं जिसे आदर्श  के तौर पर दुनिया के सामने पेश किया जा सकता है।