29 जनवरी 2021 - 14:10
तेहरान और वाशिंग्टन में भीषण बहस के बीच अमरीकी अख़बार का खुलासाः कुछ प्रतिबंधों को छोड़कर बाक़ी सारे प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रही है बाइडन सरकार, बौखलाए हुए हैं नेतनयाहू

अमरीकी अख़बार ने ख़ुलासा किया है कि बाइडन सरकार कुछ प्रतिबंधों को छोड़कर ईरान पर लगे सारे प्रतिबंध हटाने के बारे में सोच रही है।

अमरीका और ईरान के अधिकारी दोनों एक दूसरे पर ज़ोर डाल रहे हैं कि परमाणु समझौते की प्रतिबद्धताओं पर अमल की शुरुआत करें। इस बीच इस्राईली प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू ने बाइडन सरकार से कहा है कि वह ईरान के परमाणु समझौते में वापस लौटने से परहेज़ करे।

वाल स्ट्रीट जरनल ने गुरुवार को बाइडन सरकार के अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमरीकी सरकार ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को बाक़ी रखना चाहती है जिनका संबंध मानवाधिकार और आतंकवाद के मुद्दों से है।

अमरीका में कुछ अधिकारी यह बयान तो दे रहे हैं कि ईरान को उसकी मिसाइल ताक़त और क्षेत्रीय प्रभाव के बारे में भी समझौता करने पर तैयार किया जाए मगर वाल स्ट्रीट जरनल का कहना है कि बाइडन की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टीम को अच्छी तरह मालूम है कि तेहरान अब अतिरिक्त समझौतों के लिए तैयार नहीं होगा।

ईरान ने कई बार एलान किया है कि मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे विषयों के बारे में वह अमरीका ही नहीं किसी से भी कोई वार्ता नहीं करेगा।

इस बीच अमरीकी विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने घोषणा की है कि बाराक ओबाम की सरकार में विदशी मामलों के सलाहकार रह चुके राबर्ट माली को ईरान के मामलों में विशेष दूत नियुक्त किया जा रहा है।

 

अमरीका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को कहा था कि अमरीका परमाणु समझौते में लौटेगा मगर इससे पहले ईरान परमाणु समझौते की सारी प्रतिबद्धताओं का पालन शुरू करे। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि ब्लिंकन को ज़मीनी सच्चाई को ध्यान में रखना चाहिए कि अमरीका ने परमाणु समझौते का उल्लंघन किया था। ज़रीफ़ ने कहा कि चूंकि वाशिंग्टन ने परमाणु समझौते का उल्लंघन और ईरान के ख़िलाफ़ आर्थिक आतंकवाद किया है इसलिए अब उसकी ज़िम्मेदारी है कि पहला क़दम उठाए। उन्होंने कहा कि ब्लिंकन को यह भी याद रखना चाहिए कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प की अधिकतम दबाव की नीति नाकाम साबित हो चुकी है।

तेहरान और वाशिंग्टन के बीच चल रही बहस के दौरान संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि परमाणु मामले में तत्काल समाधान की तो आशा नहीं है मगर दोनों पक्षों के लिए ज़रूरी है कि अपनी प्रतिबद्धताओं पर अमल करें और कठिनाइयों का हल निकालें।

यूरोपीय संघ ने कहा कि वह हमेशा से परमाणु मामले में ईरान और अमरीका के सहयोग का स्वागत करता रहा है। यूरोपीय संघ के प्रवक्ता ने कहा कि एसा रास्ता अपनाया जाना चाहिए कि परमाणु समझौते में अमरीका की वापसी संभव हो और ईरान भी परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करे।

इस बीच इस्राईल के प्रधानमंत्री बिनयामिन नेतनयाहू बुरी तरह बौखला गए हैं। ट्रम्प की हार से अपनी कई योजनाओं के बिखर जाने से परेशान नेतनयाहू ने अमरीका को सलाह दी कि वह ईरान के परमाणु समझौते में वापस लौटने से बचे।

नक़्ब इलाक़े के दौरे पर गए नेतनयाहू ने दावा किया कि प्रतिबंध हटे तो ईरान ने इसका फ़ायदा उठाकर यमन, सीरिया और इराक़ पर क़ब्ज़ा कर लिया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार से दूर रखना ज़रूरी है क्योंकि ईरान अपनी यह इच्छा बार बार ज़ाहिर करता है कि वह इस्राईल को मिटा देना चाहता है।

जहां तक अरब देशों पर ईरान के क़ब्ज़े का सवाल है तो यह बेबुनियाद दावे हैं। राजनैतिक हल्क़ों में नेतनायहू झूठ के माहिर नेता की पहिचान रखते हैं।