28 जनवरी 2021 - 13:25
अमरीका में चरमपंथी गुटों के हमले का ख़तरा बाक़ी, राष्ट्रीय गार्ड को वॉशिंगटन में 31 मार्च तक तैनात रहने का हुक्म

अमरीका में चरमपंथी गुटों के हिंसक व्यवहार का ख़तरा मंडरा रहा है।

अमरीका के आंतरिक सुरक्षा विभाग ने सचेत किया है कि देश में राष्ट्रपति के बदलने का विरोध करने वाले गुटों व लोगों की ओर से हिंसक व भड़काउ कार्यवाही का ख़तरा टला नहीं है।

रोयटर्ज़ के मुताबिक़, अमरीका के इस विभाग ने बुधवार की शाम “राष्ट्रीय आतंकवाद अनुशंसा” नामक बयान में सचेत किया कि  राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की हार से क्रोधित समर्थकों के हिंसक व्यवहार का ख़तरा बाक़ी है। यह ऐसी हालत में है कि अमरीका में नई सरकार के शपथ ग्रहण सहारोह के बाद भी आपात स्थिति ख़त्म नहीं हुयी है।

अमरीका के आंतरिक सुरक्षा विभाग ने “राष्ट्रीय आतंकवाद अनुशंसा” बयान में कहा हैः “इस तरह की जानकारी मिली है कि चरमपंथी तत्व जो अपनी विचारधारा की वजह से राष्ट्रपति पद के ट्रांस्फ़र होने के ख़िलाफ़ हैं, भड़काउ या हिंसक कार्यवाही के लिए धरना दे सकते हैं।”

इस रिपोर्ट के मुताबिक़, चरमपंथी गुट, कोविड-19 की वजह से पाबंदियों, 2020 के राष्ट्रपति पद के चुनाव के नतीजे, और पुलिस के बल प्रयोग से क्रोधित हैं।

अमरीका के आंतरिक सुरक्षा विभाग ने सचेत किया है कि कॉन्ग्रेस की इमारत पर ट्रम्प के समर्थकों का हमला, उन्हें अमरीका की दूसरी संस्थाओं या चुनावी अधिकारी पर हमले के लिए उकसा सकता है।

इससे पहले अमरीका के राष्ट्रीय गार्ड के कमान्डर विलियम वॉकर ने राष्ट्रीय गार्ड के वॉशिंगटन में 31 मार्च तक तैनात रहने का आदेश दिया है।

6 जनवरी को अमरीकी कॉन्ग्रेस पर हमले में कम से कम 6 लोग हताहत और 9 पुलिस कर्मी घायल हुए थे।