इस्राईली समाचार पत्र यदीऊत अहारोनूत ने लिखा है कि इस्राईल ने तुर्की से फिर से संबंध बनाने के लिए कई शर्तें रखी हैं लेकिन सब से बड़ी शर्त, यह है कि तुर्की को इस्तांबूल में फिलिस्तीनी प्रतिरोध संगठन हमास का कार्यालय बंद करना होगा तथा अलक़स्साब ब्रिगेड के रिहा होने वाले क़ैदियों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना होगा।
इस्राईल के विदेशमंत्रालय ने हालिया दिनों में बुल्गारिया मे अपनी राजदूत, " एरीयत लैलियान" को तुर्की में इस्राईल की राजदूत बनाया है।
इस्राईली मीडिया ने लगभग एक महीने पहले दावा किया था कि आज़रबाइजान के राष्ट्रपति इलहाम अलीयोफ इस्राईल व तुर्की के मध्य फिर से संबंध बहाली की कोशिश कर रहे हैं।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने भी कहा है कि तुर्की इस्राईल के साथ संबंधों में रूचि रखता है लेकिन फिलिस्तीनियों के बारे में इस्राईल की नीतियां इस राह में रुकावट हैं।