10 हज़ार से ज़्यादा नर्सों ने “मेरे नेता आपकी शुक्रिया” नामक कम्पेन पर दस्तख़त कर कोरोना वैक्सीन और नर्सिंग से संबंधित मूल मुद्दों के बारे में इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के दृष्टिकोण की सराहना की।
इरना के मुताबिक़, ईरानी नर्सों ने इस कम्पेन में कहा कि कोरोना का देसी टीका मौजूदा हालात में राष्ट्रीय गौरव, राष्ट्र की एक एक इकाई ख़ास तौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के मानव संसाधन के स्वास्थय की गैरंटी देने वाला है। नर्सें, इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता के निर्देशों पर अमल को ख़ुद के लिए ज़रूरी समझती हैं।
इस कंपेन की प्रस्तावना में कहा गया है कि टीका बनाने वाले वैज्ञानिकों के प्रति इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता का दृष्टिकोण, एक एक शख़्स की स्वास्थ्य की गारेंटी और नर्सिंग के क्षेत्र में मानव संसाधन की तादाद व स्थिति पर ख़ास तौर पर ध्यान देने पर उनकी ताकीद, “हम कर सकते हैं” के नारे को व्यवहारिक बनाने वाले मोटर की तरह है।
आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई ने अमरीकी और ब्रिटिश वैक्सीन को देशवासियों के लिए मंगाने पर रोक लगाते हुए कहा कि अगर अमरीकी टीका बना पाए होते तो उनके देश में कोरोना की यह हालत न होती कि एक दिन में क़रीब 4000 लोगों की इस देश में मौत हो गयी, इसके अलावा उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि कभी कभी टीके को राष्ट्रों पर टेस्ट किया जाता है।