26 दिसंबर 2020 - 16:19
दुश्मनों की चालों को देखते हुए ईरान द्वारा अपनाई गई रणनीति की हर ओर हो रही है प्रशंसा

ट्रम्प की नित नई चालों के बावजूद ईरान जो रणनीति अपना रहा है उसकी हर तरफ तारीफ की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात को भलि भांति समझते हुए कि अपने सत्ताकाल के अन्तिम दिनों में डोनाल्ड ट्रम्प, ईरान के विरुद्ध युद्ध के लिए बहाने की तलाश में हैं, ईरान ने बड़ी शालीनता से स्ट्रैटेजिक धैर्य का प्रदर्शन किया है।  इसका मुख्य कारण यह है कि तेहरान को क्षेत्र की स्थिति का पूरा ज्ञान है।

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि विश्व के नेताओं को चाहिए कि वे किसी भी बहाने क्षेत्र में संकट उत्पन्न करने वाले ट्रम्प को नियंत्रित करें।  जैसा कि ईरान भी कह चुका है कि अगर ट्रम्प को युद्ध आरंभ करते हैं तो फिर उसका अंत उनके हाथों में नहीं होगा क्योंकि क्षेत्र की स्थिति बहुत जटिल है।  दूसरी ओर ईरान यह भी चाहता है कि यह क्षेत्र अमरीका का घर-आंगन न बनने पाए।  जानकार यह कहते हैं कि बग़दाद में अमरीकी दूतावास पर राकेट के हमले का आरोप ईरान पर लगाने के दो कारण समझ में आते हैं।  पहला कारण यह है कि ट्रम्प के बारे में यह कहा नहीं जा सकता कि वे कब क्या कर बैठें।  दूसरे यह कि अपने कार्यकाल की विफलताओं को छिपाने की वे लगातार कोशिशें कर रहे हैं।

विशेषज्ञ इस बात की ओर भी संकेत करते हैं कि इस्राईली, ट्रम्प को ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही के लिए प्रेरित करते रहे हैं, और अब भी कर रहे हैं।  इसका एक कारण यह है कि इस प्रकार से परमाणु समझौते में जो बाइडेन की वापसी को रोका जा सकता है।  इसी बात के दृष्टिगत इस्राईलियों ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिक शहीद मोहसिन फ़ख़रीज़ाद के विरुद्ध कार्यवाही की ताकि क्षेत्र में युद्ध की ज्वाला भड़काई जाए।  हालांकि ट्रम्प की सहायता से वे अब भी अपने इसी प्रयास में लगे हुए हैं।  जानकारों का कहना है कि ट्रम्प एक वहशी इंसान है और सत्ता के लिए वह सबकुछ कर सकता है।  इस्राईलियों के पास यही एक प्लस प्वाइंट है।

बहुत से जानकारों का कहना है कि ईरान पर आरोप लगाना और उसको धमकियां देना इसी युद्वोन्मादी नीति का हिस्सा है।  इसी के साथ अमरीकी, ज़ायोनी और क्षेत्र में उनके पिछलग्गू सहयोगियों का प्रयास यह है कि वे लोग, देश और गुट जो भी क्षेत्र के बारे में बनाई गई ज़ायोनी-अमरीकी योजना के विरोधी हैं उनको ज़रूर सबक़ सिखाया जाए।

राजनैतिक मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रम्प की हरकतें और उनकी धमकियां, मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा हैं।  एसे में अमरीका, शहीद क़ासिम सुलैमानी की शहादत की बरसी के अवसर पर ईरान को युद्ध की धमकी दे रहा है तो यह वास्तव में शक्ति प्रदर्शन का एक हथकंडा है जो वास्तविकता से बहुत दूर है।