तेहरान की यात्रा पर आने वाले सीरिया के विदेश मंत्री फ़ैसल मेक़दाद से मुलाक़ात के बाद अली शमख़ानी ने इसी तरह कहा कि ईरान और सीरिया के बीच उच्च स्तर पर स्टैटेजिक संबंध हैं जिन्हें लगातार मज़बूत बनाए रखने की ज़रूरत है।
अली शमख़ानी ने कहा कि इलाक़े में अमरीका की विनाशकारी उपस्थिति ख़त्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीरिया में अपने सैनिक तैनात करके अमरीका सीरिया का तेल चुरा रहा है और इस्राईल के ग़ैर क़ानूनी अस्तित्व का बचाव कर रहा है।
सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा कि जब इस्राईल मिट जाएगा तो दुनिया अधिक सुरक्षित बन जाएगी और इस्राईल से संबंध स्थापित करने के लिए लालायित अरब सरकारों का अंजाम क़ज़्ज़ाफ़ी और उमर हसन अलबशीर से बेहतर नहीं होगा।
इस अवसर पर सीरिया के विदेश मंत्री फ़ैसल मेक़दाद ने ईरान की ओर से मिलने वाले व्यापक समर्थन का आभार जताया और कहा कि ईरान के कमांडरों, सैनिकों और सबसे बढ़कर शहीद क़ासिम सुलैमानी ने जो क़ुरबानियां दी हैं उन्हें सीरिया सरकार और जनता कभी नहीं भूल सकती।
सीरियाई विदेश मंत्री ने इससे पहले अपने ईरानी समकक्ष जवाद ज़रीफ़ से मुलाक़ात की और सभी क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सीरिया आतंकवाद के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और इस संदर्भ में दोनों देशों का सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।
फ़ैसल मेक़दाद से मुलाक़ात में ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि सीरियाई जनता की दृढ़ता और प्रतिरोध से पूरे इलाक़े में व्यापक प्रतिरोधक मोर्चे को नई मज़बूती मिली।
पश्चिमी एशिया के इलाक़े में ईरान और उसकी घटक ताक़तों के व्यापक मोर्चे को इस्लामी प्रतिरोधक मोर्चा कहा जाता है जो अमरीका इस्राईल और उनके घटकों के विशाल मोर्चे का मुक़ाबला कर रहा है।
डाक्टर वेलायती ने परमाणु वैज्ञानिक शहीद फ़ख़्रीज़ादे की हत्या का उल्लखे करते हुए कहा कि हम बहुत जल्द शहीद फ़ख़्रीज़ादे का इंतेक़ाम लेंगे और ईरान के दुशमनों को यह मौक़ा नहीं देंगे कि वह चैन से अपराध करते रहें।