इस काउंसिल में तीनों पालिकाओं के प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। काउंसिल के सदस्यों ने आज सुबह इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की जिसमें महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दों की समीक्षा की गई।
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रतिबंधों के समाधान के दो रास्ते हैं, उन्हें बेअसर बनाना और उन पर क़ाबू पाना या प्रतिबंधों को हटवाना। उन्होंने आगे कहा कि प्रतिबंध हटवाने का रास्ता हम एक बार आज़मा चुके हैं और कई साल वार्ता कर चुके हैं लेकिन कोई नतीजा हासिल नहीं हुआ।
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रतिबंधों पर नियंत्रण पाने का मार्ग शुरू में हो सकता है कि कुछ दुर्गम और कठिन हो लेकिन इसका नतीजा बहुत अच्छा है।
सुप्रीम इकॉनामिक कोआर्डिनेशन काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए सुप्रीम लीडर का कहना था कि अगर कठिनाइयों के सामने डटकर मेहनत और समझदारी से हमने प्रतिबंधों पर क़ाबू पा लिया और सामने वाले पक्ष ने प्रतिबंधों को नाकाम होते देख लिया तो धीरे धीरे वह प्रतिबंधों से बाज़ आ जाएगा।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमें यह मान कर चलना चाहिए कि विदेश से हमें कोई राहत मिलने वाली नहीं है। आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि बाहर जिन लोगों से कुछ ने उम्मीद लगा रखी है उनके आंतरिक हालात का अभी कुछ पता नहीं है इसलिए उनकी बातों को आधार मानकर कोई योजना नहीं बनाई जा सकती।
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने ईरान के बारे में तीन यूरोपीय देशों के हालिया बेबुनियाद बयान की निंदा करते हुए कहा कि वह ख़ुद तो इस इलाक़े के मामलों में बहुत बुरा हस्तक्षेप कर रहे हैं और ईरान से कहते हैं कि इलाक़े में हस्तक्षेप न करे।
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ब्रिटेन और फ़्रांस के पास विध्वंसक परमाणु मिसाइल हैं और जर्मनी भी इसी मार्ग पर चल रहा है फिर भी कहते हैं कि ईरान के पास मिसाइल नहीं होना चाहिए।