उनका कहना था कि निर्वाचित मैं हुआ, मुझे 71 लाख क़ानूनी वोट मिले हैं किन्तु कई ग़लत चीज़ें हुईं जिनमें हमारे पर्यवेक्षकों को वोटों की गिनती की प्रक्रिया की निगरानी करने की अनुमति न देना भी शामिल है।
उनका कहना था कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ, डाक द्वारा लाखों लोगों को डाक बैलेट भेजे गये जिसकी उन्होंने मांग भी नहीं की थी।
एक और ट्वीट में उनका कहना था कि मैंने यह चुनाव बड़े फ़र्क़ से जीता है।
किन्तु ट्वीटर ने इन दोनों ट्वीट्स के नीचे लेबल लगा दिया जिस पर लिखा है कि अंतिम परिणामों की घोषणा उस समय नहीं की गयी थी जब यह ट्वीट किया गया।
ज्ञात रहे कि यह पहली बार नहीं है कि डोनल्ड ट्रम्प के ट्वीट पर इस तरह का लेबल लगा हो। पिछले दिन ही वोटिंग प्रक्रिया के दौरान वाइट हाऊस में अकेले रहते हुए डोनल्ड ट्रम्प ने कई असमान्य ट्वीट्स किए थे।
इन सारे ट्वीट्स को ट्वीटर ने हाइड करते हुए इससे विवादित और गुमराह करने वाले का लेबल लगा दिया था।
ट्रम्प ने इन ट्वीट्स में कहा था कि जनता मतगणना की प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रही है और हम पारदर्शिता की मांग करते हैं क्योंकि हमारे क़ानूनी पर्यवेक्षकों को मतगणना के कमरों में जाने की अनुमति नहीं दी गयी थी।
उन्होंने दावा किया कि मंगलवार की रात 8 बजे के बाद भी हज़ारों वोट ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से हासिल हुए जो आसानी से पेन्सलवेनिया और अन्य राज्यों में परिणामों को बदल रहे हैं।
उनका कहना था कि यह अनेक राज्यों में चुनावी परिणामों को बदल देगा, पेन्सलवेनिया जिसे सब आसानी से जीता हुआ समझ रहे थे।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि जिस दौरान क़ानूनी पारदर्शिता की अनुमति नहीं दी गयी उनमें कई ग़लत चीज़ें हुईं, ट्रैक्टर्ज़ दरवाज़ों पर रुकावट बने और खिड़कियां मोटे कार्ड बोर्ड्ज़ से ढक दी गयीं ताकि पर्यवेक्षक गिनती के कमरों में न देख सकें।
उन्होंने दावा किया कि अंदर ग़लत चीज़ें हुईं, बड़े परिवर्तन हुए।