पाकिस्तान की संसद ने मंगलवार को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसके बाद सदन में अल्लाहो अकबर के नारे गूंजने लगे। सरकार और विपक्ष की ओर से पेश किए गए अलग-अलग प्रस्तावों को इकट्ठा करके एक संयुक्त प्रस्ताव विदेश मंत्री शाह ने पेश किया जिस पर सरकार और विपक्ष के नेताओं के दस्तख़त थे। प्रस्ताव में कहा गया है कि इस्लामी सहयोग संगठन ओआईसी को इन अपमानजनक कार्टूनों का नोटिस लेकर तुरंत कार्यवाही करनी चाहिए। प्रस्ताव में कहा गया है कि पाकिस्तानी संसद ओआईसी के सदस्य व अन्य देशों से अपील करता है कि वे इस प्रकार के अपमानजनक क़दमों की रोकथाम के लिए क़ानून बनाएं।
इससे पहले पाकिस्तानी की संसद के निचले सदन नेश्नल एसेम्बली के डिप्टी स्पीकर क़ासिम सूरी ने कहा कि पाकिस्तान की संसद और सरकार, फ़्रान्स में पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के अनादर की कड़े शब्दों में निंदा करती है। इन कार्टूनों से पाकिस्तानी जनता समेत पूरी इस्लामी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं और पाकिस्तान की सरकार को तुरंत पेरिस में तैनात अपने राजदूत को वापस बुला लेना चाहिए। पाकिस्तान ने फ़्रान्स के राष्ट्रपति की ओर से अपमानजनक कार्टूनों के प्रकाशन के समर्थन के बाद इस्लामबाद में तैनात फ़्रान्सीसी राजदूत को विदेश मंत्रालय में तलब करके इस बयान पर अपनी आपत्ति से अवगत कराया था।