24 अक्टूबर 2020 - 15:57
कोविड-19 महामारी की चिंताजनक स्थिति से निपटने के लिए निर्णायक फ़ैसले लिए जाने की ज़रूरत है, वरिष्ठ नेता

ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैय्यद अली ख़ामेनई ने देश में कोविड-19 महामारी की चिंताजनक स्थिति से निपटने के लिए कड़े फ़ैसले लिए जाने और सरकार तथा जनता के सहयोग पर बल दिया है।

शनिवार को तेहरान में राष्ट्रपति हसन रूहानी और कोरोना से मुक़ाबले की राष्ट्रीय समिति के सदस्यों से मुलाक़ात में वरिष्ठ नेता ने अमरीका जैसे देशों की तुलना में ईरान में कोरोना से मुक़ाबले के लिए किए गए सही प्रबंधनों की सराहना की और कहा कि हमें इस महामारी से अच्छी तरह निपटना चाहिए, क्योंकि इससे लोगों की जान, सुरक्षा व अर्थव्यवस्था जुड़ी हुई है।

आयतुल्लाह ख़ामेनई का कहना था कि देश में बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है और ईश्वर की कृपा से किसी भी घटना से इस्लामी गणतंत्र की रफ़्तार नहीं रुकी है, लेकिन उन रुकावटों को तेज़ी से रास्ते से हटाना चाहिए, जो रफ़्तार को धीमा कर देती हैं।

उन्होंने कहा कि निर्णायक प्रशासनिक फ़ैसले लेना, जनता की संतुष्टि और सभी संस्थानों के बीच सहयोग ज़रूरी है। हालांकि यह सहयोग सिर्फ़ कोरोना से मुक़ाबले से विशेष नहीं होना चाहइए, बल्कि सभी मामलों में ख़ास तौर पर राजनीतिक मामलों में ऐसा होना चाहिए। इसलिए कि जिस देश की जनता शक्तिशाली और व्यवस्था प्रणाली नई होती है, स्वाभाविक रूप से उसे वैश्विक और घरेलू स्तर पर महत्वपूर्ण मुद्दों का सामना करना पड़ता है।

वरिष्ठ नेता ने हालिया दिनों में राष्ट्रपति और सरकार के साथ बर्ताव की ओर संकेत करते हुए कहा कि आलोचना और अपमान में अंतर है। इस तरह का व्यवहार और अपमान अमरीकी तरीक़ा है।